लदरौर/जाहू(हमीरपुर)। जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति की संयुक्त टीम ने बुधवार को भोरंज उपमंडल के भोरंज और तरक्वाड़ी बाजार में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान होटलों, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में 18 वर्ष से कम आयु का कोई भी बच्चा काम करता नहीं मिला।
राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पैन-इंडिया रेस्क्यू एंड पुनर्वास अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य बाल श्रम पर रोक लगाना और लोगों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
निरीक्षण दल में सीडब्ल्यूसी सदस्य डॉ. संगीता पंडित, शवाना खातून, चाइल्ड हेल्पलाइन सदस्य मनोज कुमार शर्मा और जिला बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय से ज्योति शर्मा शामिल रहीं।
टीम ने करीब दो घंटे तक दोनों बाजारों में होटलों, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान कर्मचारियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया। किसी भी प्रतिष्ठान में नाबालिग के कार्यरत नहीं पाए जाने पर टीम ने संतोष जताते हुए व्यापारियों की सराहना की।
इस दौरान होटल और ढाबा संचालकों सहित स्थानीय लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों और बाल अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। टीम ने लोगों से अपील की कि कहीं भी बाल श्रम की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित विभाग या 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।