हमीरपुर। नगर निगम हमीरपुर की वार्डबंदी के प्रारूप प्रकाशित होने बाद नवगठित वार्ड को लेकर प्रशासन के समक्ष आपत्तियां पहुंचना शुरू हो गई हैं।
इस कड़ी में वीरवार को संबंधित क्षेत्र के लोगों और आगामी नगर निगम का चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने डीसी अमरजीत सिंह के समक्ष आपत्तियां दर्ज करवाईं। आपत्तियों को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने डीसी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। लोगों का कहना है कि जिस तरीके से वार्डबंदी की गई है, उससे न सिर्फ लोगों को परेशानी होगी, बल्कि वार्ड के विकाय कार्य भी प्रभावित होंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। पूर्व पार्षद राजेश चौधरी ने कहा कि बिना लोगों की राय के यह कार्य किया गया है। कई जगह तो कई-कई किलोमीटर के वार्ड बनाए गए हैं। ऐसे में लोगों को अपने काम करवाने और आने-जाने में काफी दिक्कतें होंगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इन्हें सही तरीके से बनाए।
भौगोलिक स्थिति से छेड़छाड़ कर स्थिति को पेचीदा किया गया है। स्थानीय निवासी सुनील कुमार ने कहा कि वार्डबंदी को लेकर काफी त्रुटियां हैं, जिसको ठीक करने की मांग की गई है। साथ ही जनता ने बदलाव से संबंधित सुझाव लिखित में दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में प्रारूप फॉर्म भरकर अपनी आपत्ति भी दर्ज करवा दी जाएगी। वार्डबंदी में एक नहीं, बल्कि कई वार्डों के क्षेत्र से छेड़छाड़ की गई है, जो कि उचित नहीं है।
उपायुक्त कार्यालय में 9 जून तक दे सकते हैं सुझाव या आपत्ति
वार्डबंदी के प्रारूप 9 जून तक नगर निगम कार्यालय में आम जनता के निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेंगे। इनकी वार्डबंदी के संबंध में अगर स्थानीय निवासियों को कोई आपत्ति है या फिर वे अपने कोई सुझाव रखना चाहते हैं, तो ये आपत्तियां या सुझाव नौ जून तक फार्म-2 पर उपायुक्त कार्यालय हमीरपुर में दाखिल किए जा सकते हैं। इसके बाद कोई भी आपत्ति या सुझाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। नगर परिषद से नगर निगम बने हमीरपुर में वार्डों की संख्या 11 से बढ़ाकर 15 की गई है।