हीरानगर के जंगल में लगी आग, उपायुक्त परिसर, सर्किट हाउस तक वन संपदा जली
जिले में एक साथ तीन जंगलों में आग लगने से वन विभाग को लाखों का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर (जाहू)। जिलाभर के जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। अब तक जिले में आग की 166 घटनाओं में 1592 हेक्टेयर एरिया जलकर राख हो गया है। आग लगने में हमीरपुर जिला प्रदेशभर में दूसरे स्थान पर है। मंगलवार को जिले में एक साथ तीन जंगलों में आग लगने से वन विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। सुबह के समय हमीर होटल के साथ स्थित पूर्व सैनिक निदेशालय कार्यालय परिसर के साथ स्थित जंगल में अचानक आग लग गई। एक घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद दमकल विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। वहीं, दोपहर अढ़ाई बजे हीरानगर के पास जंगल में लगी आग से जल शक्ति विभाग का पंप हाउस जलकर राख हो गया। आग लगने के कारण पंप हाउस के तार और बिजली उपकरण भी आग की भेंट चढ़ गए।
पंप हाउस जलने से हमीरपुर में आगामी एक-दो दिन पेयजल आपूर्ति बाधित रहेगी। जलशक्ति विभाग के हमीरपुर उपमंडल के सहायक अभियंता राकेश सोनी ने सभी शहरवासियों से इस दौरान पानी का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही करने तथा जल शक्ति विभाग का सहयोग करने का आग्रह किया है। उधर, पंप हाउस के साथ लगी आग के कारण उपायुक्त परिसर और सर्किट हाउस परिसर में भी लाखों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो गई। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अघार वन परिक्षेत्र के अधीन आने वाले त्रिलोकपुर (बडैहर) के जंगल में मंगलवार को असामाजिक तत्वों ने आग लगा दी। इससे लाखों की वन संपदा जल कर राख हो गई। हवा चलने से आग चीड़ की पत्तियों से सुलगती हुई पूरे जंगल में फैल गई। स्थानीय लोगों कुलदीप चंद, राकेश कुमार, राजेश कुमार, मेहर सिंह ने कहा कि शरारती तत्व प्रतिदिन जंगलों में आग लगा रहे हैं। इससे वन संपदा के साथ पर्यावरण प्रदूषण भी हो रहा है। वन विभाग के वन रक्षक शुभम शर्मा ने कहा कि यदि कोई आग लगाता पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।