राजकीय महाविद्यालय धनेटा में आयोजित व्याख्यान में प्रतिभागी। स्रोत : संस्थान
धनेटा (हमीरपुर)। राजकीय महाविद्यालय धनेटा में गीता में नैतिक शिक्षा और आधुनिक जीवन में इसकी शिक्षाओं के योगदान विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और वक्ता डॉ. हरदेव सिंह जमवाल सेवानिवृत्त प्राचार्य और डॉ. रत्नचंद शर्मा, सेवानिवृत्त आचार्य संस्कृत ने शिरकत की।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ज्ञानचंद राणा ने बताया कि वर्तमान जीवन काफी जटिलताओं, विषमताओं तथा संघर्षों से भरा हुआ है। डॉ. हरदेव सिंह जमवाल ने बताया कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक और सफल हो सकता है, जब वह श्रद्धा, बड़ों के प्रति सम्मान जैसे गुणों से युक्त अपने जीवन को कर्म प्रधान सोच के साथ विकसित करे। गीता जीवन में विशेषकर विद्यार्थी के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। डॉ. रत्न चंद शर्मा ने गीता की भूमिका और वर्तमान जीवन में विद्यार्थियों के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
गीता हमें धर्म के महत्व को समझने और इसके अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा देती है। गीता की शिक्षाएं विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। गीता की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और हमें जीवन के विभिन्न पहलुओं में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। कार्यक्रम के समापन में मुख्य अतिथि तथा मुख्य वक्ताओं को शॉल एवं एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत एक पौधा स्मृति चिन्ह के रूप में दिया गया। इस कार्यक्रम में प्रो नीलम कुमारी, डॉ रजनीश कुमार, डॉ अजय कुमार, प्रो मदन सिंह, डॉ प्रीतम, डॉ अंजना कुमारी आदि मौजूद रहे।