हमीरपुर। शहर से दिन में दो बार कचरा उठाने के नगर निगम के दावे के बावजूद शाम ढलते ही बाजारों में गंदगी की तस्वीर सामने आ रही है। व्यापारियों का कहना है कि कचरा उठाने वाली गाड़ी कभी एक तो कभी दो ही बार पहुंचती है, जबकि पहले तीन बार कचरा उठाने का दावा किया गया था।
ऐसे में दोपहर के बाद दुकानों से निकलने वाला कचरा अगले दिन तक सड़क किनारे पड़ा रहता है। गांधी चौक, मुख्य अपर बाजार, लोअर बाजार, भोटा चौक और सब्जी मंडी में शाम होते ही जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आते हैं। इससे बाजारों की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
यह समस्या नगर परिषद हमीरपुर के दौर से चली आ रही है। नगर निगम बने दो साल बीत चुके हैं, लेकिन शहर की मूल सफाई व्यवस्था में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। निगम का क्षेत्र बढ़ने के साथ सफाई का दायरा तो बढ़ा, लेकिन संसाधन उसी अनुपात में नहीं बढ़े।
मौजूदा समय में करीब 130 सफाई कर्मचारी डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन में लगे हैं, जबकि जरूरत 150 से अधिक कर्मचारियों की बताई जा रही है। इसी तरह कचरा उठाने के लिए 14 गाड़ियां उपलब्ध हैं, जबकि 20 से अधिक वाहनों की जरूरत है।
संसाधनों की कमी का सीधा असर मुख्य शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है।
शाम का कचरा अगले दिन के लिए
सुबह और दोपहर कचरा उठने के बाद शाम को बाजार में फिर कचरा जमा होना शुरू हो जाता है। सब्जी-फल विक्रेताओं से निकलने वाली खराब सामग्री और पत्तियां, रेहड़ी-फड़ी व फास्ट फूड कॉर्नर का पैकेजिंग और डिस्पोजल कचरा और होटल-ढाबों से निकलने वाला कचरा लिफाफों और बोरियों में भरकर सड़क किनारे रख दिया जाता है। कई जगह रात तक यही कचरा पड़ा रहता है और लावारिस पशु इसे बिखेर देते हैं। सिर्फ व्यवस्था की कमी ही इसकी वजह नहीं है। कचरा उठाने की व्यवस्था कमजोर होने के साथ सड़क किनारे कचरा रख देने की कारोबारियों की आदत भी स्वच्छता में अड़ंगा बन रही है।
तीसरा चक्कर हो तो शाम का कचरा उठ सकेगा
व्यापारियों का तर्क है कि शाम को बाजार बंद होने के समय कचरा उठाने के लिए तीसरी दफा गाड़ी भेजी जानी चाहिए। निगम के अधिकारी व्यवस्था को और मजबूत करने का तर्क दे रहे हैं, लेकिन बिना पुख्ता व्यवस्था के यह संभव नहीं है। शाम के वक्त नियमित तौर पर कचरा उठाने से समस्या का निदान होगा।
कोट
शहर में तीन बार गाड़ी आनी चाहिए, ताकि शाम का कचरा भी उठ सके। व्यापारियों से भी सहयोग की अपील है कि सड़कों पर कचरा न रखें। दोपहर वाली गाड़ी को शाम को भेजा जाए तो समस्या का काफी हद तक निदान हो सकता है।
-सुमित ठाकुर, प्रधान, व्यापार मंडल हमीरपुर
सुबह और दोपहर को गाड़ी शहर में कचरा उठाने आती है। तीन बजे के बाद सफाई कर्मचारी सफाई का कार्य करते हैं और हल्का-फुल्का कचरा भी दुकानों के बाहर से उठाया जाता है। व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
-राकेश शर्मा, आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर