रंगस(हमीरपुर)। औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी में कीट विज्ञान विभाग में एमएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा ने नर कीटों के विनाश के लिए एक अनोखा ट्रैप तैयार किया है। छात्रा निलेश ने कीट विज्ञान विभाग के विभाग अध्यक्ष के मार्गदर्शन में फेरोमेन आधारित ट्रैप इजाद किया है।
इससे नर कीटों को आकर्षित कर उन्हें ट्रैप किया जा सकता है। इस ट्रैप का सफल परीक्षण भी किया गया है। इस दौरान ट्रैप में सैकड़ों फ्लाई ट्रैप हुई हैं। फ्रूट फ्लाई जैसे कीटों के आक्रमण से भी फसलों की बर्बादी हो जाती है। ऐसे में किसानों के लिए बड़ी चुनौती के रूप में उबर कर सामने आती है। महाविद्यालय की छात्रा ने नर कीट के विनाश के लिए एक अनोखा ट्रैप तैयार करके किसानों को काफी राहत पहुंचाने का प्रयास किया है। छात्रा निलेश कुमारी वर्मा ने कहा कि सब्जियों और फलों की पैदावार को फ्रूट फ्लाई जैसे कीट प्रभावित करते हैं। सर्वप्रथम इनकी संख्या को नियंत्रित करना ही सबसे जरूरी है। यह मादा कीट सब्जियों में जैसे खीरा, कद्दू व घीया डानी आदि को टेंडर स्टेज में ही क्षति पहुंचाने का प्रयास करती हैं।
फ्रूट फ्लाई/मादा कीट फ्रूट में एक गहरा डंक करके उसमें असंख्य अंडे छोड़ देती है। उसी से फिर वेजिटेबल फ्रूट में लार्वा बनता है और लार्वा तीसरी स्टेज में आकर पूरी तरह से फ्रूट में व्यस्क हो जाता है और फल को छेद करके प्यूपा बनने के लिए मिट्टी में चला जाता है। इसी क्रम से मादा फ्रूट फ्लाई का प्रजनन का क्रम चलता है और और फ्रूट फ्लाई की जनसंख्या निरंतर बढ़ती जाती है। सब्जी के तौर पर लगने वाले फलों को खराब करती हैं।
छात्रा निलेश ने कहा कि फेरोमन आधारित ट्रैप बनाकर नर कीटों को आकर्षित किया जाता है। जिससे फिर ट्रैप में घुसने पर यह कुछ समय के बाद मर जाते हैं। इसलिए फ्रूट फ्लाई की संख्या नहीं बढ़ पाती। छात्र ने कहा कि इसके लिए एक प्लास्टिक का छोटा डिब्बा लेकर उसके चारों तरफ हॉल करके उसमें लकड़ी या प्लाई का एक छोटा टुकड़ा डालकर उसमें कएलियर के साथ मालथियोंन व एथनोल का घोल उचित मात्रा में बनाकर ट्रैप में डालकर 24 घंटे तक रखा। उसके बाद जैसे ही रासायनिक घोल पूरी तरह से लकड़ी से लिपट जाता है, तो उसे सब्जी के बगीचे में लटका दिया। इसमें मेल फ्रूट फ्लाई ही सबसे ज्यादा आकर्षित होकर ट्रैप के अंदर घुसकर फंस जाती है। जब नर कीट ही नहीं बचेंगे, तो संख्या में बढ़ोतरी स्वतः ही कम हो जाएगी।
कोट
कीट विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र राणा ने कहा कि छात्रा निलेश को फ्रूट फ्लाई का प्रभाव कम करने का कार्य दिया गया है। उसी के तहत फील्ड में जाकर छात्रा कीट नियंत्रण पर अध्ययन कर रही हैं।