कहा- पंचायत में 80 फीसदी लोग हैं अतिनिर्धन, निगम से बाहर न करने पर करेंगे प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर को नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद आसपास की पंचायतों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। मंगलवार बजूरी पंचायत के ग्रामीणों ने नगर निगम में शामिल होने का विरोध जताते हुए उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह को एक ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनकी पंचायत को नगर निगम में शामिल किया जाता है, तो गरीब लोगों पर बेवजह का टैक्स बोझ बढ़ जाएगा। वहीं, जो सुविधा उन्हें गरीबी रेखा को लेकर मिल रही है, वह सुविधा भी उन्हें मिलना बंद हो जाएंगी। इस संबंधी संजीव कुमार, सुभाष चंद, राकेश कुमार, राजेश शर्मा, पंकज कुमार, जगदीश चंद, हरिराम, पुरुषोतम चंद, भारत भूषण, मनोज कुमार, सुरिंदर कुमार, रीता शास्त्री आदि ने कहा कि नगर निगम में हमारी पंचायत भी आई है, जिसका हम विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोगों के कई कार्य नगर निगम के बनने के बाद बाधित हो जाएंगे। पंचायत स्तर पर कार्य सही तरह से हो रहे हैं और जो कार्य अभी रुके हैं और कार्य नहीं हो पाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगर हमें नगर निगम से बाहर नहीं किया गया, तो पंचायत के लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर पंचायत के उपप्रधान मनोज कुमार ने कहा कि पंचायत के लोग नगर निगम में शामिल नहीं होना चाहते हैं और वह पहले से मिल रही सुविधाओं से ही जुड़े रहना चाहते हैं। इसके विरोध में उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि बजूरी पंचायत में 80 प्रतिशत के आबादी के लोग अति गरीब है। अभी पंचायत में 100 रुपये का हाउस टैक्स है कुछ लोग 100 रुपये ही नहीं दे पाते हैं। वहीं, नगर निगम में आने के बाद टैक्स हजारों में हो जाएगा तो इतना टैक्स लोग कहां से देंगे।समस्त गांववासियों ने उपायुक्त से पंचायत को नगर निगम में न जोड़ने की मांग की है।