फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur (Himachal) News: भवन निर्माण और भूमि उपविभाजन के लिए अनुमति अनिवार्य

Tue, 13 Oct 2026 04:02 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
विज्ञापन
विज्ञापन
हमीरपुर। नगर निगम हमीरपुर के आयुक्त राकेश शर्मा ने निगम क्षेत्र में भवन निर्माण, भूमि उपविभाजन और सार्वजनिक रास्तों को निगम के नाम हस्तांतरित करने से जुड़े मामलों पर राजस्व और नगर एवं ग्राम योजना (टीसीपी) विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
विज्ञापन

इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम के अंतर्गत आने वाले सभी नए और पुराने क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 30 के तहत स्वीकृति लेना अनिवार्य है।
आयुक्त ने बताया कि भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए पंजीकृत वास्तुकार के माध्यम से विभागीय वेब पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। भूमि के उपविभाजन के लिए भी निगम की अनुमति आवश्यक है। इसमें सड़क की निर्धारित चौड़ाई, पार्क और खुली जगह, सीवरेज, जलापूर्ति और विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाओं का प्रावधान सुनिश्चित करना होगा।
विज्ञापन

भूमि उपविभाजन और अन्य संबंधित मामलों में निर्धारित शर्तों के अनुसार रास्तों को गिफ्ट डीड के माध्यम से निगम के नाम हस्तांतरित करना जरूरी है। आवश्यक स्वीकृति के बिना किए गए भूमि उपविभाजन अवैध माने जा सकते हैं।
निर्धारित समय-सीमा के बाद संबंधित कार्यालय की जरूरी मंजूरी के बिना किए गए उपविभाजनों में भूखंडों की खरीद-फरोख्त और भवन निर्माण की स्वीकृति के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में भवन निर्माण की स्वीकृति, बिजली कनेक्शन और सीवरेज सुविधा भी लागू नियमों और संबंधित विभागीय प्रावधानों के अधीन होगी।
आयुक्त ने बताया कि निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाली रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में पंजीकरण आवश्यक हो सकता है। इनमें 500 वर्गमीटर से अधिक भूमि क्षेत्रफल या आठ अथवा इससे अधिक अपार्टमेंट वाली परियोजनाएं शामिल हो सकती हैं।
इस दौरान उन्होंने राजस्व विभाग, निगम और टीसीपी विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से जनहित से जुड़े मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रभावी समन्वय से भवन निर्माण की स्वीकृति, भूमि उपविभाजन, रास्तों के हस्तांतरण और बिजली, पानी व सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें