नगर निगम हमीरपुर के तहत बाइपास पर सजे मेले में लगे झूले। संवाद
हमीरपुर। नाल्टी बाईपास जैसे व्यस्त मार्ग पर लगे मेले में हजारों लोग पहुंच रहे हैं, बड़े झूले चल रहे हैं, खुले में खाने-पीने के स्टॉल सज चुके हैं और सड़क किनारे वाहनों की कतारें लग रही हैं। इसके बावजूद सुरक्षा और निगरानी को लेकर जिम्मेदार विभागों के बीच स्पष्ट जवाबदेही नजर नहीं आ रही है।
प्रशासन का कहना है कि उसने केवल प्रचार-प्रसार की अनुमति दी है, जबकि नगर निगम अपनी भूमिका को एनओसी तक सीमित बता रहा है। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग एक सप्ताह बाद भी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए मौके पर नहीं पहुंचा है।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किस विभाग की होगी। मेले में खुले में खाद्य सामग्री बेची जा रही है, लेकिन उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता और लाइसेंस की जांच अब तक नहीं हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी नहीं होने की बात सामने आई है। वहीं, बाईपास के किनारे अव्यवस्थित पार्किंग के कारण दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
मेले में लगाए गए झूलों और अस्थायी ढांचों की सुरक्षा जांच किस विभाग ने की, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि शिकायत मिलने के बाद मंगलवार को आबकारी एवं कराधान विभाग के जीएसटी विंग ने मौके का निरीक्षण किया।
विभाग ने करीब 10 लाख रुपये के स्टॉक के आधार पर पांच प्रतिशत की दर से 50 हजार रुपये कर जमा करवाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक काउंटर पर बिल, कैश मेमो और खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड रखने को कहा। विभाग ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और कमियां मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। संवाद
नगर निगम हमीरपुर के तहत बाइपास पर सजे मेले में लगे झूले। संवाद