शिवपूरी धाम समताना में सामूहिक तर्पण करते लोग। संवाद।
सलौणी (हमीरपुर)। बिझड़ी क्षेत्र के प्रसिद्ध शिवपुरी धाम पितृ अमावस्या पर सामूहिक रूप से पितृ तर्पण किया। दो दिवसीय पितृ साधना के दूसरे दिन करीब 40 साधकों और साधिकाओं ने भाग लिया। ब्राह्मणों ने पिंडों का निर्माण करवाया तथा उसके बाद उन्हें जल प्रवाहित किया गया। इस मौके पर जिलाभर से यहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक गुरु स्वामी शेखर सुमन के सानिध्य में मंत्र जाप कर अपने पूर्वजों का स्मरण किया।
आचार्य आशीष शर्मा ने बताया कि दो दिवसीय पितृ साधना में पहले दिन पितरों को याद करते हुए जाप किया गया तथा पूर्णाहुति दी गई। दूसरे दिन सामूहिक रूप से तर्पण किया गया। उन्होंने कहा कि पितृ अमावस्या पर किया गया तर्पण सभी पूर्वजों को विभूत होता है। पूर्वजों को याद करने के लिए यह उत्तम समय होता है। इस दौरान उन पितरों को भी तर्पण किया जाता है जिनकी श्राद्ध की तिथि ज्ञात नहीं होती है। इससे अज्ञात पित्रों को भी याद किया जाता है।