भगेड़ ट्रांसफार्मर से फोरलेन की लाइटों को कनेक्शन देने हुई है दिक्कत
लोगों ने फोरलेन के लिए अलग ट्रांसफार्मर लगाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं की ग्राम पंचायत बकरोआ में लोगों का कम वोल्टेज की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। ऐसे में विद्युत उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं, बावजूद इसके संबंधित विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
भाजपा किसान मोर्चा घुमारवीं के अध्यक्ष एवं औहर पंचायत के पूर्व प्रधान देश राज शर्मा ने बताया कि पहले क्षेत्र में किसी प्रकार की समस्या नहीं थी। यह समस्या कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का निर्माण होने के बाद उत्पन्न हुई है। भगेड़ स्थित ट्रांसफार्मर से ही फोरलेन पर लगी लाइटों को विद्युत आपूर्ति की गई है, जिससे मौजूदा समय लोड बढ़ने से घरेलू उपभोक्ताओं सहित दुकानदारों काे कम वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। भगेड़ में 400 केवी का ट्रांसफार्मर लगाया हुआ है। बिजली के कनेक्शन बढ़ने के कारण मौजूदा समय वोल्टेज 100 से कम हो जाती है, जिससे न तो पंखे चल रहे हैं और न ही फ्रिज आदि। कम वोल्टेज के कारण भगेड़, बागठेडू, चैहर, अपर भगेड़, खुराड़ी और बकरोआ में फ्रिज न चलने के कारण दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका दूध, दही सहित आइसक्रीम भी खराब हो जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं रात के समय बल्बों की लाइट दीये की तरह टिमटिमाती है। जिस कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। फोरलेन के लिए साल 2017 में अलग से ट्रांसफार्मर लगाए जाने की योजना थी, जिसके लिए फोरलेन और विद्युत विभाग के बीच सहमति बनी थी, लेकिन आठ साल का लंबा अरसा बीत जाने के बावजूद भी ट्रांसफार्मर नहीं लग पाया। उन्होंने बताया कि समस्या के समाधान के लिए अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक कई बार बात की गई और हर बार कोरे आश्वासन ही मिले। देश राज शर्मा ने विद्युत विभाग से इस समस्या के समाधान के लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के अंदर समस्या का समाधान न किया गया तो लोकहित में क्रमिक अनशन शुरू करने से गुरेज नहीं किया जाएगा।
कोट
अलग से ट्रांसफार्मर लगाने के लिए प्राक्कलन तैयार कर मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद नया ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -सुरेंद्र पटियाल, सहायक अभियंता कंदरौर