मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी की आपातकालीन सेवाएं रात और अवकाश के दिनों में एक चिकित्सक के सहारे चल रही हैं। ऐसे में एक साथ कई मरीजों या सड़क हादसे में घायलों के पहुंचने पर उपचार में देरी की आशंका रहती है। गंभीर मरीजों को भी इंतजार करना पड़ता है। इसे देखते हुए स्थानीय लोगों ने रात की आपातकालीन ओपीडी में दो चिकित्सकों की तैनाती की मांग उठाई है।
स्थानीय निवासी परमाराम, रविनगर के नरेंद्र कुमार, हेमंत कुमार, रवि कपूर और गीतांजलि ने कहा कि रात के समय मरीजों की संख्या बढ़ने पर एक चिकित्सक पर काम का बोझ बढ़ जाता है। सड़क हादसे में घायलों के पहुंचने पर उपचार के साथ पुलिस से जुड़ी कानूनी और कागजी औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ती हैं। इससे अन्य मरीजों को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार मिलना जरूरी है। चिकित्सकों की कमी के चलते कुछ मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि रात और अवकाश के दिनों में दो चिकित्सक तैनात किए जाएं। इससे एक चिकित्सक गंभीर मरीजों और घायलों का उपचार कर सकेगा, जबकि दूसरा अन्य मरीजों को देख सकेगा।
उच्च अधिकारियों को समस्या से करवाया अवगत
अवकाश के दिनों और रात में दो-दो चिकित्सकों की तैनाती से अगले दिन सामान्य ओपीडी में डॉक्टरों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इस समस्या से विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उच्च स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद रात के समय दो चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। -डॉ. अशोक चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी