हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर एवं अस्पताल में डॉग बाइट के मामलों में इस्तेमाल होने वाली एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की कमी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। वैक्सीन उपलब्ध न होने से मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉग बाइट के बाद समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगना बेहद जरूरी माना जाता है। ऐसे में अस्पताल में एआरवी उपलब्ध न होने से प्रभावित मरीजों को वैक्सीन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई मरीजों को निजी स्तर पर वैक्सीन की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना करीब 1500 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। मरीजों से 10 रुपये पर्ची शुल्क लिया जाता है, इसके बावजूद अस्पताल में कई आवश्यक टीकों की कमी बनी हुई है।
लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन से एआरवी की नियमित एवं पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि डॉग बाइट के मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
लोगों का कहना है कि रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए जरूरी वैक्सीन की उपलब्धता में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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अस्पताल में हर समय दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। दवाइयां उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयों की खरीद करनी पड़ती है। अस्पताल प्रबंधन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
-सतीश सूद, निवासी हमीरपुर
मेडिकल कॉलेज में कभी भी पर्याप्त दवाइयां नहीं मिलती हैं। कभी बीपी तो कभी शुगर की दवाइयों की कमी से मरीज परेशान होते हैं। अस्पताल प्रबंधन को दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
-सुरजीत कुमार, निवासी हमीरपुर
कोट
एआरवी का नया स्टॉक जल्द उपलब्ध हो जाएगा। समय-समय पर आवश्यक दवाइयों की खरीद की जाती है।
-डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
सुरजीत कुमार, निवासी हमीरपुर।