डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में दवा काउंटर पर दवाईयां लेते मरीज।(संवाद)
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में इंडोर मरीजों को चिकित्सक चार बजे के बाद डिस्चार्ज कर रहे हैं। अधिकतर वार्ड में चिकित्सकों की यह कार्यशैली मरीजों और उनके तीमारदारों पर भारी पड़ रही है। शाम के वक्त मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के चलते सरकारी फार्मेसी में न तो दवाइयां मिल पा रही हैं और न ही घर जाने के लिए बसों की सुविधा। कई मरीज तो निजी गाड़ियों से भी घर जाने को विवश हो जाते हैं। ऐसे में उनपर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
अस्पताल में दवाइयों का काउंटर चार बजे तक ही खुला रहता है। उसके बाद बंद कर दिया जाता है। ऐसे में जिन मरीजों को चार बजे के बाद छुट्टी की जा रही है उन्हें फ्री दवाई की सुविधा नहीं मिल पा रही। वह बाहर दुकानों पर महंगे दामों पर दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं। अस्पताल के गायनी वार्ड, मेडिसिन, ऑर्थो वार्ड, नेत्र रोग वार्ड, ईएनटी, बच्चों के वार्ड में सबसे अधिक मरीज भर्ती होते हैं। सभी वार्डों में यह दिक्कत पेश आ रही है। तीमारदारों कुलदीप सिंह, योगेश, संतोष रणौत, विपुल, आशीष, लक्ष्मी, सुमित्रा आदि ने कहा कि कुछ मरीजों को चार बजे के बाद छुट्टी की जा रही है। ऐसे में जिन दवाइयों की आवश्यकता मरीजों को होती है, वह बाहर महंगे दामों पर लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि जब चिकित्सक वार्ड में राउंड पर जाएं और किसी मरीज को उस दिन छुट्टी देनी है तो वह दो बजे तक इसे देना सुनिश्चित करे, ताकि वे निशुल्क दवाइयों की सुविधा का लाभ उठा सकें।
कोट
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि मरीजों को समय पर ही छुट्टी दी जाती है। अगर किसी भी मरीज को ऐसी दिक्कत आती है तो वह सीधा आकर उनसे बात करे। वहीं, छुट्टी के बारे में चिकित्सकों से बातचीत की जाएगी।