मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में 401 नंबर कमरे में पालिथिन से ढकी एंडोस्कोपी मशीन।
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में मशीन होने के बावजूद मरीजों को एंडोस्कोपी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में गैस्ट्रो एंट्रोलॉजिस्ट सहित एंडोस्कोपी के लिए कोई विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के चलते इस मशीन का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। आलम यह है कि एंडोस्कोपी करवाने वाले मरीजों को यहां से रेफर किया जा रहा है।
ऐसे में लोगों को मशीन के होते हुए भी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालांकि पूर्व में एक कमरे में एंडोस्कोपी की सुविधा शुरू हुई थी, लेकिन विशेषज्ञ न होने के चलते वह भी बंद कर दी गई है। बताया जा रहा है कि एक चिकित्सक ने इसका प्रशिक्षण तो लिया है, लेकिन कार्यभार अधिक होने और इसमें जोखिम होने के चलते वह चिकित्सक भी एंडोस्कोपी की सेवाएं नहीं दे रहा है। कुल मिलाकर अस्पताल में मशीन एक कोने में बंद पड़ी है। जबकि एंडोस्कोपी करवाने के लिए मरीजों को टांडा या शिमला समेत निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति के बारे में सरकार और विभाग ही निर्णय लेगा।