हमीरपुर। हमीरपुर पुलिस ने यातायात को सुचारु बनाने और मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जो अभियान छेड़ा है, उसके नतीजे दिखने शुरू हो गए हैं। ओवरस्पीड, मोबाइल फोन और शराब पीकर वाहन चलाने पर हमीरपुर पुलिस ने 234 ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए सस्पेंड किए हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई सेफ्टी कमेटी की सिफारिश पर जारी किए गए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत की है। पुलिस ने ये ड्राइविंग लाइसेंस जनवरी से लेकर 30 नवंबर 2020 तक की गई कार्रवाई के दौरान सस्पेंड किए हैं। इसके अलावा दो सप्ताह के भीतर ही 120 अन्य चालान भी न्यायालय में पेश किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि देशभर में सबसे अधिक दुर्घटनाएं ओवर स्पीड की वजह से होती हैं। जिसके चलते हिमाचल सरकार ने भी राज्य के नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति सीमा निर्धारित की है। नेशनल हाईवे पर दोपहिया वाहनों की गति सीमा 50, मालवाहक व यात्री वाहनों की सीमा 55 और कार समेत अन्य छोटे वाहनों के लिए 60 गति सीमा निर्धारित की है। हमीरपुर पुलिस ने जिले के सभी उपमंडल क्षेत्र के अंतर्गत आते एनएच पर वाहनों की स्पीड चेक करने के लिए जगह-जगह कैमरे स्थापित किए हैं। पुलिस के स्पीडोमीटर कैमरे की खासियत यह है कि इसमें (ग्लोबल पॉजिशनिंग) जीपीएस लगे हैं। जिससे वाहनों की स्पीड, समय, तारीख तथा स्थान कैमरे में कैद हो जाते हैं ताकि, कोई अगर पुलिस की इस कार्रवाई को न्यायालय में चुनौती देना चाहे तो जीपीएस से सही और गलत का पता चल सकता है।
उधर, ट्रैफिक पुलिस के प्रभारी उपनिरीक्षक पाल सिंह चंदेल ने कहा कि पुलिस ने एनएच पर स्पीडो मीटर लगाकर निर्धारित सीमा से तेज गति से वाहन चलाने, मोबाइल फोन का प्रयोग करने और शराब पीकर वाहन चलाने पर अभी तक 234 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए हैं। जबकि बीते सप्ताह 120 अन्य चालान कोर्ट में पेश किए हैं।