बड़सर (हमीरपुर)। जिले में नियमों के विपरीत दोपहिया वाहनों पर सामान बेच रहे प्रवासी व्यापारियों पर पुलिस की ढिलाई सवालों के घेरे में है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि खुलेआम नियमों का उल्लंघन हो रहा है, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने से बचती नजर आ रही है।
नियमों के अनुसार दोपहिया वाहन केवल सवारी के लिए निर्धारित हैं, लेकिन बड़सर क्षेत्र में कई प्रवासी इन्हें व्यावसायिक रूप से प्रयोग कर रहे हैं। ये लोग बाइक पर खाने-पीने का सामान, प्लास्टिक सामग्री, कुर्सियां व अन्य घरेलू सामान लादकर गांव-गांव घूम रहे हैं। इससे जहां यातायात नियमों की अवहेलना हो रही है, वहीं सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पुलिस स्थानीय लोगों के हेलमेट न पहनने पर तो चालान कर देती है, लेकिन नियमों को खुलेआम तोड़ रहे इन प्रवासियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। कई प्रवासियों ने थाना स्तर पर पंजीकरण तक नहीं करवाया है। न इनके पास सामान की खरीद का बिल होता है और न ही किसी प्रकार का टैक्स अदा किया जाता है।
स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा सीधा असर
व्यापारियों का कहना है कि दुकान खोलने से लेकर रोजमर्रा के संचालन तक उन्हें जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने, आयकर भुगतान, किराया और बिजली-पानी जैसे खर्च उठाने पड़ते हैं। इसके विपरीत दोपहिया वाहनों पर सामान बेचने वाले केवल आधार कार्ड के सहारे बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कारोबार कर रहे हैं। इससे बाजार का संतुलन बिगड़ रहा है और ईमानदारी से व्यापार करने वालों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
क्या कहते हैं व्यापारी
यदि हालात ऐसे ही रहे तो छोटे और व्यापारी दुकानें बंद करने को मजबूर हो जाएंगे। हम टैक्स देते हैं, लेकिन बिना टैक्स कारोबार करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
-ज्योति शर्मा, दुकानदार
बिना पंजीकरण दोपहिया वाहनों पर सामान लादकर घूमना खतरनाक है। इससे हादसों का डर बना रहता है, लेकिन पुलिस इसे लेकर गंभीर नहीं दिख रही।
-राकेश कुमार, दुकानदार
स्थानीय लोगों के तो धड़ल्ले से चालान कटते हैं, जबकि प्रवासियों पर पुलिस मेहरबानी दिखाती है। इससे अन्य वाहन चालकों को परेशानी होती है।
-सतीश राठौर, उपप्रधान, व्यापार मंडल बड़सर
दुकानदारों को तमाम औपचारिकताएं निभानी पड़ती हैं, जबकि फेरीवाले बिना किसी प्रक्रिया के गांवों में घूमकर सामान बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
-राज कुमार विज, प्रधान, व्यापार मंडल बड़सर
कोट
किसी भी प्रकार के सामान की खरीद-फरोख्त के लिए बिल होना अनिवार्य है। जीएसटी न होने की स्थिति में भी सामान्य बिल जरूरी है। शिकायत मिलने पर विभाग जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करता है।
-कुलदीप सिंह, सहायक आयुक्त, आबकारी एवं कराधान विभाग
सतीश राठौर
सतीश राठौर
सतीश राठौर
सतीश राठौर
सतीश राठौर