हमीरपुर। राजपूत महासभा हमीरपुर और राजपूत कल्याण सभा ने जिला चंबा के एक विद्यालय में विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत नाटक के बाद हुए घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की। संगठनों ने नाटक के बाद जांच और कार्रवाई की आशंकाओं का विरोध करते हुए एसडीएम संजीत सिंह के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा।
इससे पहले प्रेसवार्ता में राजपूत कल्याण सभा के अध्यक्ष जोगिंदर ठाकुर ने बताया कि नाटक में विद्यार्थियों ने आरक्षण के कारण वर्तमान पीढ़ी की प्रतिभा को नजरअंदाज होने की स्थिति को दर्शाया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रतिभा को निखारने के लिए कमजोर वर्गों को आरक्षण देने की मांग की गई थी। केवल किसी विचार की अभिव्यक्ति को दंड का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नाटक में किसी भी जाति के खिलाफ टिप्पणी नहीं की गई है। प्रस्तुति के आधार पर विद्यार्थियों और संबंधित अध्यापक के विरुद्ध जांच या दंडात्मक कार्रवाई की संभावना से समाज में अनावश्यक भय और असंतोष का वातावरण बन रहा है।
राजपूत संगठनों ने मांग की कि विद्यार्थियों और संबंधित अध्यापक के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अनुचित कार्रवाई की गई तो राजपूत महासभा और राजपूत कल्याण सभा शांतिपूर्ण जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने विधायकों और सांसदों से भी इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख सार्वजनिक करने का आग्रह किया। इस अवसर पर अजय, सचिन, सुरेश कटोच सहित अन्य लोग मौजूद रहे।