हमीरपुर। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षकों पर लागू की जा रही स्थानांतरण नीति को अव्यवहारिक करार दिया है। इस संदर्भ में प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष यशवीर जंवाल, प्रधान जिला हमीरपुर केवल ठाकुर, महासचिव कमल किशोर शर्मा ने कहा कि वर्तमान प्रस्तावित स्थानांतरण नीति के अनुसार समूचे प्रदेश को 5 क्षेत्रों में बांटा गया है। अत: यह स्पष्ट है कि इससे पूरे प्रदेश के अध्यापकों में भारी उथल पुथल होगी। अगर सरकार की इस नीति के पीछे यह तर्क है कि इससे दुर्गम क्षेत्रों में अध्यापकों के खाली पद भरे जाएंगे तो वहां तो पहले से ही पीटीए और पैरा अध्यापक सेवाएं दे रहे हैं, जोकि स्थानांतरण नीति से बाहर हैं। उक्त स्थानांतरण नीति में जिला काडर से संबंधित जेबीटी और सीएंडवी अध्यापकों को भी शामिल किया गया है।
अधिकतर जिले दो जोनों तक ही सीमित हो जाने के कारण यह अध्यापक कहां जाएंगे। इसलिए इस स्थानांतरण नीति की व्यवहारिकता पर प्रश्नचिन्ह लगता है। सरकार ने जिन राज्यों की स्थानांतरण नीतियों को आधार बनाकर इसका ड्राफ्ट तैयार किया है, वहां की भौगोलिक परिस्थिति और हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य की भौगोलिक परिस्थिति में दिन रात का अंतर है। यहां तक कि हरियाणा जैसे राज्य में भी अब तक इस सॉफ्टवेयर आधारित स्थानांतरण नीति से मात्र एक बार ही तबादले किए गए हैं। संघ के नेताओं का कहना है कि यदि यह वही तबादला नियम हैं जिनकी अध्यापक संघों से चर्चा की गई है तो अध्यापक तबादले पर अन्याय होने पर न्यायालय में जाने का हक भी नहीं रखता, जोकि किसी भी नागरिक के मौलिक अधिकारों का हनन है।