हमीरपुर। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में मरीज से मारपीट पर आरोपी डॉक्टर को बर्खास्त करने के विरोध में चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर हैं। शनिवार को भी जिलेभर के स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी सेवाएं ठप रही हैं।
मरीजों को केवल आपातकालीन सेवाओं में ही इलाज मिला। कई मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। हालांकि, डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ओपीडी और मेडिकल सेवाएं जारी रहीं। वहीं, सोमवार से मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के चिकित्सक भी ओपीडी में सेवाएं ठप रखेंगे। मरीजों को केवल आपातकालीन सेवाएं ही मिलेंगी।
शनिवार को हुई रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन, प्रोफेसर की गेट मीटिंग में निर्णय लिया गया है। सोमवार से ओपीडी में सेवाएं नहीं देने के बारे में डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को भी जानकारी दी गई है। मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. राकेश ने बताया कि सोमवार से चिकित्सक केवल आपातकालीन सेवाएं देंगे। ओपीडी में मरीजों का स्वास्थ्य नहीं जांचा जाएगा।
उन्होंने बताया कि चिकित्सक को बर्खास्त करने का निर्णय गलत है। मामले की सही तरीके से जांच नहीं की गई। उन्होंने बताया कि एक पक्ष को सुनकर निर्णय लिया गया है। यह तर्कसंगत नहीं है।
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मेडिकल कॉलेज में 40 मिनट ठप रही ओपीडी
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में शनिवार को हुई गेट मीटिंग के दौरान करीब 40 मिनट तक कुछ ओपीडी में सेवाएं ठप रहीं। मरीजों को समय पर स्वास्थ्य लाभ नहीं मिला। इस कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ा। हालांकि गेट मीटिंग के बाद ओपीडी सामान्य रूप से संचालित हुई और मरीजों का इलाज किया गया।
भोरंज अस्पताल में एमरजेंसी में ड्यूटी देते चिकित्सक। स्रोत : जागरूक पाठक
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ओपीडी में स्वास्थ्य जांच के लिए इंतजार करते मरीज। संवाद
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ओपीडी में स्वास्थ्य जांच के लिए इंतजार करते मरीज। संवाद- फोटो : katra news