हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में स्ट्रेचरों की कमी से मरीजों का मर्ज बढ़ रहा है। 300 बिस्तरों की सुविधा वाले इस अस्पताल में महज आठ स्ट्रेचर हैं। इस कारण यहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में दूरदराज क्षेत्रों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। वहीं, आपातकाल में भी अस्पताल में कई मरीज पहुंचते हैं। इसलिए आपातकालीन वार्ड के बाहर स्ट्रेचर व व्हील चेयर रखे होते हैं। कई बार मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण यहां मरीजों को स्ट्रेचर नहीं मिल पाते। अन्य वार्डों में दाखिल मरीज जो चलने फिरने में असमर्थ हैं, वह भी व्हील चेयर का इस्तेमाल करते हैं।
ऐसे में आपातकाल में एक भी स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो पाता है। अन्य वार्डों में दाखिल मरीजों को भी कई बार स्ट्रेचर नहीं मिल पाते हैं। मरीजों, सुरेश, विजय, संतोष, महिमा, पायल, यशवीर, अजय आदि ने कहा कि अस्पताल में कई बार स्ट्रेचर नहीं मिल पाते हैं। इससे कई बार मरीज को पीठ पर उठाकर ही ओपीडी, टेस्ट आदि के लिए पहुंचाया जाता है। वहीं, कई व्हील चेयरों के टायर भी टूट चुके हैं। अस्पताल में व्हील चेयरों की संख्या 20 के करीब है। लोगों ने मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर और व्हील चेयर उपलब्ध करवाने की मांग की है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को स्ट्रेचर उपलब्ध हो जाते हैं। मरीज इस्तेमाल करने के बाद इन्हें आपातकाल वार्ड के बाहर पहुंचा देते हैं।
(समाचार : सोनम शर्मा)