बड़सर क्षेत्र में करीब 25 वेयरहाउस, जहां पर पहुंच रही विभिन्न कंपनियों की डिलवरी
दुकानदार बोले- ऑनलाइन खरीदारी को लेकर ठोस नीति बनाए सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर (हमीरपुर)। ऑनलाइन व्यापार और फाइनेंस के माध्यम से खरीदारी ने बड़सर-मैहरे क्षेत्र के कारोबारी चिंतित हैं। ऑनलाइन खरीदारी के कारण व्यापारियों को मंदे की मार झेलनी पड़ रही है। बड़सर क्षेत्र में करीब 25 वेयरहाउस हैं, जहां पर विभिन्न कंपनियों की डिलवरी आती है। ऑनलाइन खरीदारी को लेकर नीति न होने के कारण एक तरफ व्यापारी काम ठप होने के कारण चिंतित हैं, वहीं दूसरी ओर कई औपचारिकताएं पूरी करते-करते दुकानदारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।
व्यापारियों की मानें तो बड़सर-मैहरे बाजार में ग्राहक खरीदारी करने के लिए निकलते थे, लेकिन अब हर सामान लोगों को घर द्वार पर मिल रहा है। इस कारण लोग बाजार में बहुत कम पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि दुकानदारों ने किराये पर दुकानें लेकर कपड़ा, रेडिमेड, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल आदि विभिन्न व्यवसाय कर रखा है।
दुकानदारों को सामान खरीदने से लेकर सामान बेचने तक कई प्रकार का टैक्स चुकता करने पड़ते हैं। इस कारण एक वस्तु पर 100 रुपये से लेकर एक हजार रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है, जबकि दुकानदारों को गुणवत्ता का भी ध्यान रखना पड़ता है। स्थानीय व्यापारी ऑनलाइन बाजार का मुकाबला नहीं कर सकता है क्योंकि इन्हें तो कोई दुकान का किराया देना होता है और न ही अन्य किसी प्रकार का टैक्स देना होता है।
इससे व्यापारियों के कारोबार पर इसका उल्टा असर पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि सरकार को ऑनलाइन खरीदारी को लेकर ठोस नीति बनानी चाहिए ताकि दुकानदारों को राहत मिल सके।
सरकार को ऑनलाइन व्यापार को लेकर ठोस नीति बनानी चाहिए ताकि दुकानदारों को आर्थिक नुकसान न झेलना पड़े। अगर शीघ्र ही नीति नहीं बनाई गई तो आने वाले समय में दुकानदारों को दो वक्त की आजीविका कमाना मुश्किल हो जाएगा।-सतीश राठौर, उपप्रधान व्यापार मंडल बड़सर (मैहरे)
व्यापार अब कम हो गया है। दुकानदारों के ऊपर कई प्रकार की औपचारिकताएं थोप दी गई हैं। इसके विपरीत ऑनलाइन व्यापार के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है। आने वाले समय में कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा। सरकार को इस बारे में नीति बनानी चाहिए।- संजीव वालिया, दुकानदार
इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में ऑनलाइन की सबसे अधिक मार पड़ी है। पहले लोग हमारे पास आते थे, लेकिन अब ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी लोग किस्तों पर सामान खरीद रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में कारोबार को बंद करना पड़ सकता है। - काव्यांश, दुकानदार
ऑनलाइन खरीदारी के कारण व्यापार बहुत ही कम हो गया है। दुकानदार किराये पर दुकानें लेकर अपनी आजीविका कमा रहे हैं। किराया पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। जिन लोगों के पास कर्मचारी हैं उन्हें कर्मचारियों की सैलरी निकालना मुश्किल हो जाता है।- सुरेंद्र पाल, दुकानदार
संजीव वालिया
संजीव वालिया
संजीव वालिया