भरेड़ी (हमीरपुर)। ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते चलन ने छोटे दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर रेडीमेड कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान और जूत्ता-चप्पल के व्यवसाय पर इसका सबसे अधिक असर देखा जा रहा है।
लोग अब रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा अधिकांश सामान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए मंगवा रहे हैं, जिससे स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है। इस संबंध में दुकानदारों ने बताया कि पहले जहां दिनभर अच्छी बिक्री हो जाती थी, अब कई-कई घंटे दुकान खाली रहती है। बिक्री कम होने के कारण उन्हें हर महीने दुकान का किराया, बिजली का बिल और कर्मचारियों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है।
इसके साथ ही घर-परिवार चलाना भी उनके लिए चुनौती बनता जा रहा है। दुकानदारों ने सरकार से मांग की है कि छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए ऑनलाइन कारोबार पर कुछ नियम लागू किए जाएं, ताकि स्थानीय बाजारों को बचाया जा सके और छोटे दुकानदार आत्मनिर्भर बने रह सकें।
ऑनलाइन कारोबार का दुकानदारी पर काफी असर है। ग्राहक अब ऑनलाइन ही उत्पाद मंगवा रहे हैं। बहुत कम लोग दुकानों में आते हैं।
-बलवीर शर्मा, इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिक उत्पाद विक्रेता
ऑनलाइन व्यापार पर नियम लागू किए जाने चाहिएं। आने वाले समय में व्यापारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
-मनोज शर्मा, रेडीमेड उत्पाद विक्रेता
ऑनलाइन कारोबार से ग्राहकों की आमद कम हो गई है। लोग अब ऑनलाइन खरीदारी को अधिक महत्व दे रहे हैं। इससे छोटे दुकानदार अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
-पंकज, मिठाई विक्रेता
दो से तीन साल में व्यापार में काफी कमी आई है। घंटों दुकान में बैठकर ग्राहकों का इंतजार करना पड़ता है। कभी-कभी तो दिन में तीन से चार ग्राहक ही आते हैं।
-यशवंत भारद्वाज, स्टेशनरी विक्रेता
भरेड़ी में एक दुकान में शून्य ग्राहक। संवाद- फोटो : फखरपुर में सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन।
भरेड़ी में एक दुकान में शून्य ग्राहक। संवाद- फोटो : फखरपुर में सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन।
भरेड़ी में एक दुकान में शून्य ग्राहक। संवाद- फोटो : फखरपुर में सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन।
भरेड़ी में एक दुकान में शून्य ग्राहक। संवाद- फोटो : फखरपुर में सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन।