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Hamirpur (Himachal) News: मानसिक रोग से प्रत्येक 40 सेकेंड में हो रही एक आत्महत्या

Wed, 11 Oct 2023 12:47 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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हमीरपुर। स्वास्थ्य खंड टौणीदेवी के अंतर्गत मंगलवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर लोगों को मानसिक रोगों के कारण और बचाव के तरीके बताए गए। कार्यक्रम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठेड़ा में प्रधानाचार्य मंजुला शमा की अध्यक्षता में किया गया। स्वास्थ्य विभाग खंड टौणी देवी से खंड स्वास्थ्य शिक्षक कमल मनकोटिया ने उपस्थित सभी बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में संपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर आठ में से एक व्यक्ति मानसिक रोग से पीड़ित है।
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लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया जाता है। विश्व में अनुमानित मानसिक रोग से 450 मिलियन लोग पीड़ित हैं। भारत में लगभग 1.5 मिलियन व्यक्ति मानसिक रोग से पीड़ित हैं। इनमें बच्चे, किशोर आदि सभी शामिल हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा लोग ध्यान नहीं देते हैं। विश्व में मानसिक रोग के कारण प्रत्येक 40 सेकेंड में एक आत्महत्या की घटना होती है। स्वास्थ्य शिक्षक ने कहा कि मानसिक अस्वस्थ होने के कारणों में अनुवांशिक असमानताएं, परिवेश संबंध में तनाव जैसे चिंता, अकेलापन साथियों का दबाव, आत्म सम्मान में कमी, परिवार में मृत्यु, मस्तिष्क की चोट आदि शामिल है। अल्कोहल एवं ड्रग्स जैसे मादक पदार्थ का अधिक सेवन, पारिवारिक कलह आदि भी कारण हैं।
किशोरावस्था में कंपटीशन की भावना भी तनाव का मुख्य कारण है। इस मौके पर स्कूल में चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें मनीषा कपिल प्रथम, करण द्वितीय और रितिक व अभय तृतीय स्थान पर रहे। सभी विजेताओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग से पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता रजनीश कुमार भी उपस्थित रहे।
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यह रहते हैं लक्षण और बचाव की तरीके
स्वास्थ्य शिक्षक कमल मनकोटिया ने बताया कि मानसिक रोगियों के लक्षणों में अपना नाम-पता, समय, दिन आदि बताने में कठिनाई होना, बहुत अधिक निराश रहना, अकेले रहना, अधिक पसंद करना तथा बहुत जल्दी मूड का बदलना इत्यादि शामिल है। इसमें व्यक्ति काल्पनिक दुनिया में खोया रहता है। नींद और भूख की कमी महसूस होती है, किसी भी काम के लिए अपने आप को दोष ही देना तथा हमेशा आत्म गलानी में दुखी रहना आदि शामिल हैं। स्वास्थ्य शिक्षक ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए व्यर्थ की चिंताओं से दूर रहें, नकारात्मक घटनाओं से व्यथित न हों, भावनाओं पर नियंत्रण रखें, वास्तविकता को स्वीकार करके आगे बढ़ने का प्रयास करें, अपनी पसंद और शौक के लिए समय दें। दिनचर्या को नियमित रखें, नियमित योग व ध्यान का अभ्यास करें। परिवार के साथ बातचीत करें, सामाजिक क्रियाकलाप में भी भाग लें। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वह हमेशा अपने नियमित कार्य करें अपनी पढ़ाई को महत्व दें तथा बेकार की बातों में अपना समय व्यर्थ न करें।
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(समाचार : सोनम शर्मा)
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