पर्यटन विभाग की ओर से लोक निर्माण विभाग को सौंपी व्यवहार्यता अध्ययन रिपोर्ट
प्रोजेक्ट का नक्शा तैयार करने के बाद दो माह के भीतर लगेगा टेंडर
55 कनाल में प्रस्तावित है हेलीपोर्ट, औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले के जसकोट गांव में प्रस्तावित हेलीपोर्ट के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। हेलीपोर्ट के लिए प्रस्तावित बाधा सीमा सतह (ओएलएस) सर्वे भी पूरा हो गया है। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट (व्यवहार्यता अध्ययन) भी पर्यटन विभाग से लोक निर्माण विभाग हमीरपुर को प्राप्त हो गई है। 55 कनाल भूमि में इस हेलीपोर्ट का निर्माण प्रस्तावित है। इस प्रोजेक्ट का नक्शा तैयार करने का कार्य लोक निर्माण विभाग मंडल हमीरपुर ने शुरू कर दिया है।
पूर्व भाजपा सरकार में हमीरपुर मुख्यालय से सटे बड़ू में हेलीपोर्ट बनाए जाने की योजना थी। विधानसभा चुनाव से कुछ माह पूर्व ही वर्ष 2022 में इस हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए 2़22 करोड़ का टेंडर भी आवंटित कर दिया गया था। टेंडर आवंटित होने के बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही इस हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए जसकोट को चुना गया है। बड़ू के लिए गए टेंडर को रद्द कर नए सिरे से निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। करोड़ों की राशि लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के पास है।
अब इस राशि को जसकोट में खर्च किया जाएगा। जसकोट में 55 कनाल में यह प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। ऐसे में नक्शा और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इसकी अनुमानित लागत भी तय हो पाएगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की टीम ने ओएलएस को पूरा कर मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब जल्द ही नक्शा और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के दो माह के भीतर टेंडर आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कोट
लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता दीपक कपिल ने कहा कि ओएलएस सर्वे पूरा हो गया है। पर्यटन विभाग की ओर से फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी प्राप्त हो गई है। इस प्रोजेक्ट का नक्शा तैयार किया जा रहा है। दाे माह के भीतर प्रोजेक्ट का टेंडर आवंटित कर दिया जाएगा।