हमीरपुर। जिला स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण की समीक्षा बैठक वीरवार को जिला परिषद अध्यक्ष बबली देवी की अध्यक्षता में हुई। इसमें स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण की प्रगति पर वित्तीय वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे स्वच्छता कार्यों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में बबली देवी ने अधिकारियों से कहा कि जिला हमीरपुर के प्रत्येक घर में शौचालय निर्माण के साथ-साथ ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन पर भी विशेष रूप से फोकस करना चाहिए, ताकि जिले के सभी गांवों को मॉडल गांव बनाया जा सके। एडीसी जितेंद्र सांजटा ने बताया कि जिला हमीरपुर स्वच्छता में अहम कार्य कर रहा है। जिले में हर घर में शौचालय निर्माण का लक्ष्य हासिल करने के बाद अब ठोस एवं तरल कचरे के सही निष्पादन की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। छह प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई स्थापित की गए हैं। प्रत्येक इकाई के निर्माण में 16-16 लाख खर्च किए गए हैं। बमसन के मतलाना में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई स्थापित की गई है। इससे 11 पंचायतों को लाभ पहुंच रहा है। इसी तरह भोरंज के पपलाह में इकाई स्थापित की गई है। इनमें छह पंचायतों का कचरा पहुंचाया जा रहा है। हमीरपुर के दडूही में, नादौन के कलूर में, बिझड़ी के धंगोटा तथा सुजानपुर के पनोह में भी प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयां स्थापित की गई हैं। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयां स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य जिले की सभी 248 पंचायतों को इनसे जोड़कर कचरे का सही निष्पादन सुनिश्चित करना है। बैठक में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2023, सामुदायिक स्वच्छता परिसरों तथा चिह्नित गोवर्धन स्थलों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत अधिकारी शशि बाला, जिला कल्याण अधिकारी राकेश पुरी तथा अन्य विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
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