हमीरपुर। युवाओं को प्राकृतिक खेती से जोड़ने और पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आईटीआई रैल में संचालित प्राकृतिक खेती सर्टिफिकेट कोर्स में बदलाव किया गया है। अब यह कोर्स छह महीने के बजाय एक वर्ष का होगा।
नए सत्र के लिए 30 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आईटीआई रैल ने एक वर्षीय अवधि के अनुरूप नया पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया है। पिछले वर्ष संस्थान में प्राकृतिक खेती का कोर्स पहली बार शुरू किया गया था, लेकिन छह महीने की अवधि वाले इस कोर्स में किसी भी अभ्यर्थी ने प्रवेश नहीं लिया, जिससे कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं।
अब संस्थान को उम्मीद है कि कोर्स की अवधि बढ़ने और व्यावहारिक प्रशिक्षण को शामिल करने से विद्यार्थियों की रुचि बढ़ेगी। पाठ्यक्रम में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के विकल्प, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपाय, पर्यावरण संरक्षण आधारित आधुनिक कृषि तकनीक और खेतों में व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल किया गया है।
आईटीआई रैल में पहले से विभिन्न ट्रेडों के प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं। प्राकृतिक खेती का यह एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स युवाओं को कृषि क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
कोट
आईटीआई रैल में विभिन्न ट्रेड के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्राकृतिक खेती के कोर्स में 30 सीटें हैं।
-कपिल ठाकुर, प्रधानाचार्य, आईटीआई रैल