हमीरपुर बाजार में लगी रेहड़ी और नाली के साथ रखा गया सामान। संवाद।
हमीरपुर। नगर निगम हमीरपुर शहर में रेहड़ियों को अब तय स्थानों पर ही लगाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत रेहड़ी धारकों को लाइसेंस प्रदान करते समय लोकेशन टैग की जाएगी, ताकि वे निर्धारित जगह पर ही दुकानदारी कर सकें। इस कदम से बाजारों में अव्यवस्था, अतिक्रमण और यातायात अवरोधों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
नगर निगम द्वारा तीन श्रेणियों स्थायी, अस्थायी और मौसमी में रेहड़ी धारकों का वर्गीकरण किया जाएगा। साथ ही शहरभर में वेडिंग जोन (हॉकिंग जोन) चिह्नित किए जाएंगे। रेहड़ीधारकों के लिए एक विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसमें उनका नाम, बेचे जाने वाले सामान की मात्रा और किस स्थान पर व्यवसाय किया जा रहा है, जैसी जानकारियां एकत्र की जाएंगी।
वर्तमान में शहर के कई हिस्सों में रेहड़ियां बेतरतीब ढंग से नालियों, पक्की दुकानों के सामने या तंग सड़कों पर लगाई जा रही हैं। इससे आमजन और वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जगह तय होने के बाद रेहड़ीधारकों को नियमित रूप से लाइसेंस शुल्क देकर निर्धारित स्थान मिलेंगे। इससे अतिक्रमण पर अंकुश लगेगा और शहर की सूरत सुधरेगी।
फीस का होगा पुनर्निर्धारण
वर्तमान व्यवस्था के तहत नगर निगम स्थायी रेहड़ीधारकों से 400 रुपये प्रति माह, अस्थायी से 500 रुपये प्रति माह, जबकि मौसमी रेहड़ी लगाने वालों से 100 रुपये प्रतिदिन शुल्क लेता है। अब व्यवस्था पारदर्शी बनने से राजस्व में वृद्धि के साथ प्रशासनिक निगरानी भी आसान होगी।
शहर में रेहड़ीधारकों के लिए अलग वेडिंग जोन बनाने का निर्णय लिया गया है। समिति गठित कर सर्वे किया जाएगा। वेडिंग जोन बनने के बाद लाइसेंस पर लोकेशन टैग की जाएगी। -राम प्रसाद, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर