हमीरपुर। एचआरटीसी डिपो हमीरपुर के अंतर्गत संचालित सभी रूटों पर यात्रियों के लिए कैशलेस भुगतान की सुविधा आरंभ कर दी गई है। ई-टिकटिंग मशीनों से अब यूपीआई, गूगल पे, पेटीएम सहित अन्य माध्यमों से किराया अदा किया जा सकता है।
मगर यात्रियों का रुझान अब भी पारंपरिक नकद भुगतान की ओर अधिक है। डिपो प्रबंधन के अनुसार रोजाना 12 से 14 लाख रुपये तक का किराया बसों से प्राप्त होता है, लेकिन इसमें से केवल 20 प्रतिशत भुगतान ही डिजिटल माध्यम से हो रहा है।
रोजाना औसतन 400 से 500 ऑनलाइन ट्रांजेक्शन दर्ज किए जा रहे हैं। डिपो के अधीन करीब 142 बसें विभिन्न रूटों पर संचालित हो रही हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में चलती हैं। इन रूटों पर यात्रियों द्वारा नकद भुगतान को ही प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की संख्या अपेक्षाकृत कम बनी हुई है। हालांकि लंबे रूटों पर डिजिटल भुगतान का औसत कुछ बेहतर है। डिजिटल माध्यम से भुगतान से खुले पैसों की समस्या काफी हद तक कम हुई है। इससे यात्रियों और परिचालकों को सहूलियत मिली है।
एचआरटीसी हमीरपुर मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार पाठक ने बताया कि डिपो की सभी बसों में ई-टिकटिंग मशीनों के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दी गई है। फिलहाल प्रतिदिन 400 से 500 ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नकद भुगतान की प्रवृत्ति अधिक है।