सुजानपुर(हमीरपुर)। नगर परिषद सुजानपुर के अंतर्गत रेहड़ी-फहड़ी धारकों के पास परिषद के 12 लाख रुपये बकाया राशि के रूप में फंसे हुए हैं। यह राशि तहबाजारी शुल्क के रूप में लंबे समय से जमा नहीं कराई गई, जिससे अब परिषद की आय पर असर पड़ रहा है।
समस्या को देखते हुए अब नगर परिषद ने रेहड़ीधारकों को नोटिस जारी करने व प्रतिदिन के हिसाब से 100 रुपये शुल्क लेने का निर्णय लिया है। इससे रेहड़ी धारक आसानी से बकाया राशि का भुगतान कर सकेंगे।
नगर परिषद सुजानपुर की ओर से बाजार में प्रत्येक रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले दुकानदारों के लिए 450 रुपये प्रतिमाह तहबाजारी शुल्क निर्धारित किया गया है, लेकिन लंबे समय से भुगतान न होने से बकाया राशि 12 लाख रुपये तक पहुंच गई है। बाजार में छोटे-बड़े तीन दर्जन के करीब रेहड़ी धारकों ने मासिक किराया शुल्क नहीं दिया है। एक-एक दुकानदार के पास 20 से 25 हजार रुपये किराया फंसा हुआ है, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
आय कम होने के कारण रेहड़ी धारक एक साथ किराये का भुगतान नहीं कर सकेंगे। ऐसे में रेहड़ी धारकों से प्रतिदिन 100 रुपये की दर से वसूली की जा रही है।
कोट
तहबाजारी शुल्क नगर परिषद की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है और लंबे समय से भुगतान न होने के कारण परिषद पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। नियमों के तहत ही वसूली की जा रही है, ताकि रेहड़ी धारकों को भी अदायगी करने में परेशानी न हो।
-रमन शर्मा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, सुजानपुर