हमीरपुर। स्थानीय व्यंजनों का स्वाद अब ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की आर्थिकी को सुदृढ़ करेगा। वहीं, आगामी सप्ताह से हर दिन अलग-अलग स्थानीय व्यंजनों का जायका कोई भी व्यक्ति ले सकेगा।
महिलाओं की पाक कला का स्वाद लोगों तक पहुंचाने के लिए बचत भवन की दुकानों की ऊपरी मंजिल पर ग्रामीण कैफे स्थापित किया जाएगा। इस कैफे में न केवल बाहरी क्षेत्र से आने वाले लोग स्वाद ले सकेंगे, बल्कि अपने घरों से दूर शहर में रहने वाले लोग भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
योजना के अनुसार ग्रामीण कैफे में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्टॉल प्रदान किए जाएंगे। यहां पर यह महिलाएं प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले अलग-अलग व्यंजन बनाकर रखेंगी। व्यंजनों को बनाने के लिए महिलाओं को यहां पर रसोईघर की सुविधा प्रदान की जाएगी।
महिलाओं को व्यंजनों का मैन्यू निजी तौर पर तैयार करना होगा। फिलहाल आगामी सप्ताह से यह कार्य शुरू किया जा रहा है, लेकिन विस्तृत तौर और अधिक सुविधाओं के साथ जिला ग्रामीण विकास एजेंसी ने योजना को पूर्ण करने के लिए जिला प्रशासन को 20 लाख रुपये की प्रपोजल भेजी है।
योजना को ट्रायल पर शुरू करने के लिए विभाग की ओर से बचत भवन की ऊपरी मंजिल पर खाली जगह में हिम ईरा योजना के तहत ग्रामीण कैफे खुलेगा। फिलहाल ट्रायल के तौर पर यहां दो स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने सजावटी सामान के साथ पहाड़ी नमक, करेले, नींबू व लहसुन के आचार की प्रदर्शनी लगाई है।
एक सप्ताह के भीतर उत्पादों के साथ अन्य खाद्य पदार्थों के स्टाल भी लगाए जाएंगे। इसमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं सुबह 10:00 से शाम 5:30 बजे तक उत्पाद बेच सकेंगी।
कोट
बचत भवन की ऊपरी मंजिल में ग्रामीण कैफे में लोग स्थानीय व्यंजनों का जायका ले सकेंगे। योजना के तहत विस्तृत सुविधाएं जुटाने के लिए जिला प्रशासन को प्रपोजल भेजी गई है।
-अस्मिता ठाकुर, परियोजना अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी, हमीरपुर