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Hamirpur (Himachal) News: अब अस्पताल पहुंचने में असमर्थ मरीजों को घर-द्वार पर मिलेगा उपचार

Sun, 20 Jul 2025 11:56 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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हमीरपुर। चलने-फिरने और अस्पताल पहुंचने में असमर्थ गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को अब घर-द्वार पर उपचार मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सप्ताह में एक दिन संबंधित मरीज के घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेंगी।
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मरीज को पैलिएटिव केयर दिया जाएगा। जिला में 21 हजार से अधिक गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को लाभ देने की योजना है। जल्द ही आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर इन मरीजों को लेकर सर्वे करेंगी। चिन्हित मरीजों का चयन मेडिकल ऑफिसर करेंगे। हालांकि सहारा योजना में पंजीकृत मरीजों को भी योजना का लाभ दिया जाना प्रस्तावित है।
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत पैलिएटिव गाड़ी की भी सेवाएं ली जाएंगी। हालांकि पहले मेडिकल ऑफिसर और स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण दो फेज में केरला में होगा। एक-एक फेज में पांच मेडिकल ऑफिसर और पांच नर्सें प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी।
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प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद रोगियों को घर-द्वार पर इलाज संभव होगा। रोगी के परिजनों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे रोगी की अच्छे से देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। पैलिएटिव केयर के माध्यम से जीवन को सीमित करने वाली और अंतिम चरण की बीमारियों कैंसर, स्ट्रोक, गुर्दे की बीमारी आदि बीमारी से पीड़ित मरीजों की देखभाग होगी।
यह है पैलिएिटव केयर

पैलिएटिव केयर यानी उपशामक देखभाल किसी भी उम्र के व्यक्ति को दी जाने वाली ऐसी देखभाल है, जिसका मकसद रोगी के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है। डॉक्टर या टीम मरीज से बात करती है। उसकी समस्याओं को सुनती है। मरीज के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाता है। मरीज से जुड़े काम जैसे साफ-सफाई, दवाएं देना, खाना खिलाना आदि और कुछ जगहों पर संगीत और आध्यात्मिक सेशन भी आयोजित किए जाते हैं।
कोट

पैलिएटिव केयर से मरीजों की घर में उचित देखभाल होगी। जिला में 21 हजार से अधिक मरीजों को लाभान्वित करने की योजना है। मेडिकल ऑफिसर और नर्सों का प्रशिक्षण केरला में प्रस्तावित है।
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-डॉ. प्रवीण चौधरी, सीएमओ, हमीरपुर
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