हमीरपुर। जिलाभर के 703 स्कूलों में अब भवनों का मरम्मत कार्य पंचायत स्तर पर होगा। मरम्मत कार्य के लिए स्कूलों को अनुदान पंचायत के माध्यम से मिलेगा। नए निर्माण, पुराने लंबित कार्य के लिए स्कूल प्रमुखों को अपने क्षेत्र के पंचायत प्रधानों के पास आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद संबंधित स्कूलों में मरम्मत सहित निर्माण कार्य को लेकर आगामी प्रक्रिया शुरू होगी। डेढ़ वर्ष पहले आई आपदा से क्षतिग्रस्त हुए भवनों का मरम्मत कार्य भी पंचायत के माध्यम से किया जाएगा। आपदा के कारण जिला के 114 स्कूलों को 3.67 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रभावित स्कूलों में सुरक्षा दीवार, खेल मैदान, रसोईघर, शौचालयों सहित कक्षा कक्ष क्षतिग्रस्त हुए हैं।
लंबे समय से बजट राशि जारी न होने से स्कूलों में मरम्मत और निर्माण कार्य नहीं हो सका है। ऐसे में स्कूलों में अस्थायी तौर पर व्यवस्था करके कार्य किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने बारिश से प्रभावित स्कूलों की रिपोर्ट बनाकर बजट मंजूरी के लिए निदेशालय भेज दी थी लेकिन अब निदेशालय की ओर से पंचायतों के माध्यम से निर्माण और मरम्मत कार्य करवाने के निर्देश जारी हुए हैं। पंचायत स्तर पर मरम्मत और निर्माण कार्य होने से शिक्षा विभाग का बजट राशि जारी होने से लेकर एनओसी से संबंधित कार्यों का बोझ कम होगा। स्कूलों मेें मरम्मत कार्य पूर्ण करवाने के बाद स्कूल प्रमुख भवन निर्माण कार्य की रिपोर्ट उच्चतर व प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक के पास सौंपेंगे। रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी, जिससे स्कूलों का अलग डाटा तैयार होगा।
703 स्कूलों में अब भवनों का मरम्मत कार्य पंचायत स्तर पर होगा। मरम्मत कार्य के लिए स्कूलों को ग्रांट पंचायत के माध्यम से आएगी। कार्य के लिए स्कूल प्रमुखों को पंचायत प्रधानों के पास आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद मरम्मत सहित निर्माण कार्य को लेकर आगामी प्रक्रिया शुरू होगी।
-डॉ. एमआर चौहान, उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर