हमीरपुर। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आपदा के प्रति जागरूक करने के लिए होने वाली मॉक ड्रिल की अब जिला स्तर पर माॅनिटरिंग होगी। उपनिदेशक स्तर पर गठित जिला स्तरीय कमेटी स्कूलों का निरीक्षण करेगी।
यह कमेटी स्कूलों में जाकर जांच करेगी कि किस स्कूल में माॅक ड्रिल का आयोजन हुआ है और किस में नहीं किया गया है। निरीक्षण के बाद स्कूलों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे निदेशालय भेजा जाएगा। निदेशालय में रिपोर्ट जमा होने के बाद माॅक ड्रिल आयोजित न करने वाले स्कूल प्रमुखों को कारण बताओ का नोटिस जारी किए जाएंगे।
तीन माह पूर्व विद्यार्थियों को आपदाओं के प्रति जागरूक करने के लिए शिक्षा विभाग ने स्कूल स्तर पर अभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। मॉक ड्रिल में स्कूल शिक्षकों को मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ, दमकल विभाग की टीमें आग, बाढ़, भूस्खलन और इनसे बचाव के बारे में निजी तौर पर प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के लिए अलग से भाषण, चित्रकला, नारा लेखन, जागरूकता रैली भी निकालने के ऑर्डर हुए थे, ताकि सामुदायिक स्तर पर विद्यार्थियों को जागरूक किया जा सके।
हालांकि, कुछेक स्कूल प्रमुखों ने माॅक ड्रिलों का आयोजन नहीं किया है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए स्कूलों की माॅनिटरिंग का कार्य शुरू किया गया है। वर्तमान में स्कूलों में आपदा प्रबंधन की सूचनाएं नोटिस बोर्डों पर लगी हुई हैं, लेकिन अधिकांश विद्यार्थियों को आपदाओं से बचाव और सुरक्षा के बारे में जागरूक नहीं हैं।
ऐसे में भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूल स्तर पर प्रत्येक माह मॉक ड्रिलों को आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि छोटी से लेकर बड़ी सभी विंग के विद्यार्थियों को आपदाओं से बचाव के बारे में जागरूक किया जा सके।
कोट
स्कूल प्रमुखों को प्रत्येक माह निजी तौर पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों को जागरूक और सक्षम बनाने के लिए बैग फ्री डे वाले दिन कार्यक्रमों का आयोजन होगा। कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग उपनिदेशक कार्यालय से की जाएगी।
-डॉ. एमआर चौहान, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग, हमीरपुर