क्षेत्रीय अस्पताल में शुक्रवार को दोपहर बाद तक अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए। इसके चलते सुबह से भूखे पेट अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ी है।
गर्भवती महिलाओं को भूखे पेट दोपहर बाद तक रेडियोलॉजिस्ट का इंतजार करना पड़ा, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के न आने से उन्हें मजबूरन बिना अल्ट्रासाउंड करवाए घर लौटना पड़ा।
मरीजों ओर तीमारदारों में दिनेश कुमार, कार्तिक, अनुराधा, सवीता कुमारी का कहना है कि शुक्रवार को क्षेत्रीय अस्पताल में दोपहर बाद तक अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए। इसके चलते सुबह से ही भूखे पेट अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने बताया कि कई मरीजों को अल्ट्रासाउंड को 5 अगस्त की तारीख दी गई थी, लेकिन खुद रेडियोलॉजिस्ट कमरे में नहीं थे। अल्ट्रासाउंड रूम के बाहर कोई नोटिस भी नहीं लगा था।
अस्पताल में तैनात अन्य स्टाफ को भी रेडियोलॉजिस्ट की कोई जानकारी नहीं थी। अधिकतर मरीज बिना अल्ट्रासाउंड करवाए घर लौटे जबकि कुछेक लोगों ने क्षेत्रीय अस्पताल के फीस काउंटर पर पर्ची कटवाने के बाद निजी लैबों में जाकर अल्ट्रासाउंड करवाए।
सीएमओ डॉ. सावित्री कटवाल ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट के कोर्ट में बयान होने के कारण परेशानी आई है।