अतिक्रमण पर चेतावनी देते अधिकारी।
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अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर प्रशासन और कारोबारियों की मिलीभगत नजर आ रही है। यही कारण है कि प्रशासन के औचक निरीक्षण की सूचना कारोबारियों तक पहले ही पहुंच जाती है। जब तक प्रशासन निरीक्षण शुरू करता है, दुकानदार और रेहड़ी-फड़ी धारक सड़कों पर सजाए सामान को समेट लेते हैं।
ऐसे में लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जाताया है। शनिवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत उपमंडल अधिकारी निपुण जिंदल, तहसीलदार सुरेश पटियाल, थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार आदि के नेतृत्व में कस्बे का औचक निरीक्षण किया गया।
जब तक अधिकारी औचक निरीक्षण कर अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त करते, सभी दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी धारकों ने सड़क पर सजाया सामान समेट लिया। यहां तक कि चबूतरे पर रखा सामान भी उठा लिया। निरीक्षण में प्रशासन को कोई भी कारोबारी अतिक्रमण करता नहीं मिला।
इतना ही नहीं अधिकारियों के जाने के बाद दोबारा दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी धारकों ने सड़कों पर सामान सजा दिया। लोगों का आरोप है कि कस्बे में अधिकतर कारोबारी अतिक्रमण करते हैं। राहगीरों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है।
हालांकि, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की सूचना पहले ही कारोबारियों तक पहुंच जाती है और कारोबारी निरीक्षण से ठीक पहले अपना सामान उठा लेते हैं।लोगों ने प्रशासन पर कारोबारियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है।
तहसीलदार सुरेश पटियाल का कहना है कि कस्बे का औचक निरीक्षण किया गया। सोमवार को दोबारा बाजार का औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।