फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली गुल रहती है, पानी का समय तय नहीं

Mon, 15 Feb 2016 11:10 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर परिषद के वार्ड-3 में बिजली आपूर्ति अकसर गुल रहती है। पेयजल आपूर्ति का समय तय नहीं है। पानी का प्रेशर इतना कम है कि छत पर रखी टंकियां खाली रहती हैं। अधिकतर लोगों के पास सीवरेज कनेक्शन नहीं हैं।
विज्ञापन


वर्तमान सड़क मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। वहीं एक रास्ता ऐसा है, जिसका हमीरपुर कोर्ट से फैसला तो हो चुका है लेकिन अभी तक नगर परिषद लोगों की आवाजाही के लिए बहाल नहीं कर पाया है।

वार्ड-3 के लोगों को बस अड्डा हमीरपुर और गांधी चौक से अपने घरों के लिए पैदल आना-जाना पड़ता है। यहां लोगों के लिए न तो कोई बस सुविधा है और न ही ऑटो की व्यवस्था। सोमवार को हिमाचल के नंबर वन अखबार ‘अमर उजाला’ ने आपकी आवाज कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष उठाया।
विज्ञापन


कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद अनिल सोनी, नप की अध्यक्ष सुलोचना देवी, नप के जेई अश्वनी कुमार, स्वच्छता पर्यवेक्षक राजेंद्र शर्मा, आईपीएच के जेई संजय कटवाल, लोनिवि के एसडीओ, आईपीएच और बिजली बोर्ड के एसडीओ समेत नप के ईओ भी मौजूद रहे।

वार्ड-3 की समस्याएं

बिजली : वार्ड में बिजली की आपूर्ति अकसर बाधित रहती है। कई जगह बिजली के खंभों पर ज्वाइंट खुले पड़े हैं।
पेयजल : वार्ड में पेयजल आपूर्ति का समय निर्धारित नहीं है। प्रेशर भी बहुत कम होता है। इसके चलते छतों पर रखी टंकियों तक पानी नहीं चढ़ता है।
सीवरेज : वार्ड में अधिकतर लोगों के पास सीवरेज कनेक्शन नहीं हैं। आवेदन के बावजूद कनेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहे।
सड़क : वार्ड में कई साल पहले बनी एक सड़क की मरम्मत और टारिंग कर रहे लोनिवि का तर्क है कि उन्हें जबरदस्ती यह मार्ग दिया गया है जबकि नियमों के तहत बस योग्य वाहन ही विभाग के अधीन आते हैं।
परिवहन : वार्ड-3 के लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है। एचआरटीसी और प्राइवेट कोई भी बस यहां नहीं चलती। वार्ड में कोई ऑटो सुविधा भी नहीं।
रास्ता : रास्ते का मामला कई सालों से लटका हुआ है। न्यायालय से फैसले के बावजूद लोगों की आवाजाही नहीं हो पा रही।
बीपीएल सुविधा : वार्ड में कई निर्धन परिवार रहते हैं लेकिन बार-बार गुजारिश के बावजूद बीपीएल कार्ड की सुविधा पात्रों को नहीं मिल पा रही।
सामुदायिक भवन : वार्ड के लोगों के लिए कोई बैठक या अन्य कार्यक्रम करवाने के लिए सामुदायिक भवन तक की सुविधा नहीं है।

क्या कहते हैं लोग

मैं गरीब परिवार से संबंध रखती हूं। काफी समय से इस वार्ड में किराये के मकान में रह रही हूं। मेहनत मजदूरी कर बच्चे पाल रही हूं। नप नुमाइंदों से बीपीएल राशनकार्ड बनाने की मांग की है, लेकिन अब तक मुझे बीपीएल में शामिल नहीं किया गया है।
- अनीता

वार्ड में सीवरेज से सभी परिवार नहीं जुड़ पा रहे हैं। वार्ड में बिजली वोल्टेज की भी समस्या गंभीर है। सफाई व्यवस्था भी वार्ड में नाममात्र है।
- मीना

पानी छोड़ने के लिए आईपीएच विभाग का कोई निर्धारित समय नहीं है। पेयजल सप्लाई का समय निर्धारित न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- ओपी बरोल

वार्ड में एक सामुदायिक भवन का निर्माण होना चाहिए जहां वार्ड के लोग बैठक कर सकें। भूमि न होने से सामुदायिक भवन नहीं बन पा रहा है। वार्ड में एक सामुदायिक भवन का निर्माण होना चाहिए।
- प्रभात ठाकुर

वार्ड में बिजली कटों की अधिक समस्या है। दिन में दर्जनों बार कट लगते हैं। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। सफाई-व्यवस्था भी वार्ड में न के बराबर है।
- जगदीश चंद

वार्ड में सीवरेज लाइन तो है, लेकिन अधिकतर परिवार सीवरेज कनेक्शन से वंचित हैं। आईपीएच विभाग को चाहिए कि वार्ड में लोगों को सीवरेज कनेक्शन मुहैया करवाएं।
- प्रकाश चंद

वार्ड में बिजली के तार नंगे पड़ी हैं। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बिजली बोर्ड कर्मचारी इन तारों को टेप भी नहीं कर रहे। इसके चलते कई बार बिजली के खंभे आग की भेंट चढ़ चुके हैं।
- अशोक कुमार

30 सालों से मुख्य रास्ता बंद है। नप की जगह मैंने खुद कोर्ट में केस लड़ा। नप को चाहिए कि केस में मेरा सहयोग करे जिससे रास्ते को जल्द बहाल करवाया जा सके। विभागों को चाहिए कि लोगों की समस्याओं पर तर्क देने के बजाय उनका समाधान करे।
विज्ञापन

- बीडी शर्मा

सीवरेज कनेक्शन के लिए दो सालों से आवेदन कर रखा है, लेकिन अब तक सीवरेज कनेक्शन नहीं मिल पाया है। विभाग हमेशा ही टाल मटोल का रवैया अपनाता आया है।
- संजीव ठाकुर

वार्ड में कभी भी पानी समय पर नहीं आता। पानी का प्रेशर भी कम रहता है। वार्ड में बिजली कटों से भी लोग परेशान हैं। इन समस्याओं का हल होना चाहिए।
- बलदेव चौहान
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें