बस अड्डा हमीरपुर में खड़ी इलेक्ट्रिक बस। संवाद
हमीरपुर। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक सफर दे रही हैं, लेकिन इनमें डस्टबीन की सुविधा नहीं होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
हमीरपुर डिपो की करीब 35 इलेक्ट्रिक बसों में डस्टबीन न होने के कारण यात्रियों को सफर के दौरान कचरा रखने के लिए जगह तलाशनी पड़ रही है। इन बसों में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न रूटों पर सफर करते हैं।
यात्रा के दौरान पानी की बोतल, बिस्कुट, नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री के रैपर, टिकट के कागज और अन्य छोटा-मोटा कचरा निकलता है। बस में कचरा डालने के लिए निर्धारित स्थान नहीं होने के कारण कई बार यह सीट के नीचे आसपास या फर्श पर नजर आता है।
यात्रियों में अजय, दीपक, अक्षय और प्रदीप का कहना है कि एचआरटीसी की सामान्य बसों में डस्टबीन लगाए गए हैं, जिससे यात्री कचरा आसानी से उसमें डाल देते हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से लैस इलेक्ट्रिक बसों में भी डस्टबीन की व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल बस की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि कचरा डालने की सुविधा उपलब्ध कराना भी इसका अहम हिस्सा है। डस्टबीन नहीं होने पर कुछ यात्री कचरा अपने बैग या जेब में रखने को मजबूर होते हैं।
कोट
इलेक्ट्रिक बसों में जल्द ही डस्टबीन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। डस्टबीन में लोग आसानी से कूड़ा फेंक सकेंगे।
-जगदेव, प्रभारी, बस अड्डा हमीरपुर