धनेटा (हमीरपुर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धनेटा में तैनात एकमात्र चिकित्सक नौ दिनों से उपलब्ध नहीं है। करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र के एकमात्र अस्पताल में लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। इस कारण लोगों को इलाज के लिए 30 से 40 किलोमीटर दूर नादौन या हमीरपुर जाना पड़ रहा है। वर्तमान में वायरल, जलजनित रोगों के मरीज अधिक आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक न होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
करोड़ों रुपये की लागत से बने अस्पताल भवन में सुविधाओं का अभाव है। वर्ष 2012 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस अस्पताल से पहले आंखों के चिकित्सक का तबादला हुआ। इस कारण आंख के रोगियों को हमीरपुर अस्पताल आना पड़ता है। अस्पताल में डेंटल की तैनाती तो की गई, लेकिन आरसीटी (रूट कनाल ट्रीटमेंट) के लिए सामान ही नहीं है। आपातकाल में अगर किसी मरीज को रेफर करना हो तो एंबुलेंस भी नहीं है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुधारने और मूलभूत सुविधाएं देने की मांग की है। इस संबंध में सीएमओ हमीरपुर डा. अर्चना सोनी का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सक के न होने की कोई जानकारी नहीं है। अन्य व्यवस्थाओं को जल्द ही सुधारा जाएगा।