मिड डे मील के लिए तीन माह बाद भी बजट जारी नहीं हो पाया है। बजट जारी न होने से योजना पर संकट गहरा गया है। शिक्षा विभाग दो बार बजट उपलब्ध करवाने की डिमांड भेज चुका है। इसके बावजूद अभी तक मिड डे मील के लिए बजट उपलब्ध नहीं हो सका है। वहीं, कई मिड डे मील वर्करों का वेतन दो से तीन माह से लटक गया है।
साथ ही, कई स्कूलों में खाद्य सामग्री की कमी पाई जा रही है। अध्यापक अपनी जेब से खर्च कर दोपहर का भोजन स्कूली छात्रों को खिला रहे हैं। बजट न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने नवंबर 2015 में पहली डिमांड भेजी थी।
बजट मुहैया न होने पर विभाग ने जनवरी 2016 के पहले सप्ताह में फिर से बजट की डिमांड शिमला भेजी है। विभाग ने मार्च तक के लिए 92 लाख का बजट मांगा है। इसमें 61 लाख रुपये खाद्य सामग्री और 31 लाख रुपये मिड डे मील वर्करों के वेतन के लिए मांगा गया है।
अगले सप्ताह तक योजना के लिए बजट मिलने की उम्मीद है। आला अधिकारियों से इस बारे में बात हुई है। बजट मिलते ही स्कूलों में इसका वितरण किया जाएगा।
- इंद्रजीत सिंह, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक, हमीरपुर