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एनआईटी के सीवरेज चैंबर लीक, नाले में बह रही गंदगी

Sun, 14 Feb 2016 05:46 PM IST
गगन दीप, अमर उजाला/हमीरपुर
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में सीवरेज पाइप लाइन के चैंबरों से लीकेज हो रही है। अधिकतर चैंबर ब्लॉक पड़े हैं। सीवरेज की सारी गंदगी नाले में बह रही है।
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इससे नाले के साथ लगते करीब एक दर्जन प्राकृतिक जल स्रोत दूषित हो रहे हैं। हालांकि, एनआईटी प्रबंधन और आईपीएच विभाग को समस्या बताई जा चुकी है, बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।

एनएच-70 के किनारे स्थित अणु के समीप एनआईटी का ट्रीटमेंट प्लांट है। एनआईटी कैंप की पूरी सीवरेज यहां ट्रीटमेंट के लिए पाइप लाइनों से पहुंचती है। बीते करीब छह माह से सीवरेज चैंबर ब्लॉक हो गए हैं जबकि कुछ टूट गए हैं।
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इसके चलते सीवरेज की गंदगी चैंबरों से बाहर निकल कर नाले में गिर रही है। हालांकि, नाला सूखा है, लेकिन चैंबरों की लीकेज के कारण पूरा नाला सीवरेज के पानी से भर गया है। ट्रीटमेंट प्लांट से सौ मीटर के दूरी पर ही नाले के साथ प्राकृतिक पेयजल के स्रोत हैं।

नाले में सीवरेज का पानी आने से यहां के करीब एक दर्जन प्राकृतिक पेयजल स्रोतों का पानी दूषित हो रहा है। इन पेयजल स्रोतों से क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन गांवों लोग पानी भरते हैं। ऐसे में भयंकर बीमारियों के फैलने का अंदेशा बना हुआ है।

एक साल पहले भी फैला था पीलिया

पंचायत प्रधान गुरदेव सिंह का कहना है कि ट्रीटमेंट प्लांट की गंदगी नाले में बहने से एक साल पहले भी प्राकृतिक स्रोतों का पानी दूषित हुआ था। इससे क्षेत्र में पीलिया का प्रकोप फैला था। क्षेत्र में करीब ढाई दर्जन से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आए थे। अगर समय रहते सीवरेज चैंबरों की लीकेज को नहीं रोका गया तो क्षेत्र में भयंकर बीमारी फैल सकती हैं।

ये गांव भरते हैं पेयजल स्रोतों पानी

नाले के साथ लगते प्राकृतिक पेयजल स्रोतों से बाहल, डोडरू, ककरू, करयाणा ब्राह्मणा, नडियाणा, नडियाणा रागडेयां, ध्रौण मसंदा, सियूणी, खास ग्रां और वासी आदि गांवों के लोग पानी भरते हैं। हैंडपंप खराब होने और नलों से पर्याप्त पानी की सप्लाई न होने से करीब डेढ़ दर्जन गांवों की ढाई हजार आबादी इन प्राकृतिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर हैं।

नाले किनारे खुले में जलाया जा रहा प्लास्टिक

ट्रीटमेंट प्लांट के साथ ही नाले के किनारे एनआईटी परिसर का प्लास्टिक युक्त कचरा फेंका जा रहा है। कचरे को खुले में ही जलाया जा रहा है। इससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। वहीं, बंदर कचरे को उठाकर किसानों के खेतों और नाले में फेंक रहे हैं।

जल्द समाधान नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन

ग्राम पंचायत चौकी जंबाला के पंचायत प्रधान गुरदेव जगोता, उपप्रधान तारा चंद, कृष्ण कुमार, प्रेम चंद, सुरजीत सिंह, सुदेश कुमार, राम रत्न, ओम प्रकाश, ओम दत्त, अश्वनी कुमार, संजीव कुमार, पवना देवी, रेखा, मीना कुमारी, सुमना, मंगलेश कुमारी, मधु और डिंपल आदि ने बताया कि सीवरेज खुले में बहने से क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है। जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरन एनआईटी प्रबंधन और आईपीएच कार्यालय का घेराव करने को मजबूर होना पड़ेगा।

आईपीएच विभाग के पास महज ट्रीटमेंट प्लांट का जिम्मा है। सीवरेज पाइप लाइनों और चैंबरों की देखरेख एनआईटी प्रबंधन करता है। एनआईटी प्रबंधन ही इसका समाधान करेगा।

- नीरज भोगल, एक्सईएन आईपीएच, हमीरपुर

अगर सीवरेज पाइपों और चैंबरों का जिम्मा एनआईटी प्रबंधन के पास है तो एनआईटी के आईपीएच इंजीनियरों से इसकी रिपोर्ट ली जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की सही जानकारी दे सकता हूं।
- प्रो. रजनीश श्रीवास्तव, निदेशक, एनआईटी, हमीरपुर

एनआईटी प्रबंधन और आईपीएच विभाग को कई बार समस्या बताई जा चुकी है, लेकिन दोनों ही एक दूसरे को इसका जिम्मेवार बता रहे हैं। जल्द समस्या का समाधान न हुआ तो लोगों को मजबूरन आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।
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- गुरदेव जगोता, पंचायत प्रधान, चौकी जंबाला
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