हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) के चेयरमैन की नियुक्ति के इंतजार में दीक्षांत समारोह को फिलहाल स्थगित कर दिया है। दीक्षांत समारोह 28 अक्तूबर को प्रस्तावित था लेकिन अब इसके आयोजन को लेकर संशय हो गया है। एनआईटी प्रबंधन ने सूचना जारी कर फिलहाल समारोह को स्थगित कर दिया। इसके पीछे सीधे तौर पर चेयरमैन की नियुक्ति न होना माना जा रहा है। एनआईटी हमीरपुर में पिछले तीन वर्षों से बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) का स्थायी अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया है। ऐसे में बीते दो साल तक संस्थान के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी को को ही कार्यवाहक चेयरमैन बनाया गया था लेकिन अप्रैल माह से शिक्षा मंत्रालय ने नियमों में बदलाव कर कार्यवाहक चेयरमैन की व्यवस्था भी खत्म कर दी है। ऐसे में करीब छह माह से चेयरमैन का पद रिक्त है।
शिक्षा मंत्रालय की ओर से तय नए नियमों के तहत बीओजी की बैठक एक वर्ष में चार दफा अनिवार्य की गई है। एनआईटी हमीरपुर में इस साल जनवरी में एक बैठक हुई लेकिन उसके बाद पिछले आठ महीने से एक भी बैठक नहीं बुलाई गई। कार्यवाहक चेयरमैन की व्यवस्था खत्म होने के बाद से लगातार स्थायी नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा है लेकिन अब यह इंतजार 1000 के करीब विद्यार्थियों की डिग्री पाने की चाहत को लंबा खींच रहा है। एनआईटी में देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी पढ़ाई करने पहुंचते हैं। संस्थान से पासआउट विद्यार्थी या तो अन्य संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं अथवा देश और विदेश में नौकरी कर रहे हैं। दीक्षांत समारोह की संभावित सूचना मिलने के बाद सबने आने के कार्यक्रम तय कर लिए थे लेकिन विद्यार्थियों को अब कार्यक्रम टालने पड़े हैं। इसके अलावा जो विद्यार्थी नौकरी अथवा अन्य कार्यों के लिए डिग्री का इंतजार कर रहे हैं, फिलहाल समारोह के स्थगित होने से उनको भी मायूसी ही हाथ लगी है।
बीओजी के चेयरमैन का पद रिक्त होने से फिलहाल दीक्षांत समारोह की संभावित तिथि पर आयोजन को स्थगित किया गया है। चेयरमैन की नियुक्ति मंत्रालय का अधिकार क्षेत्र है। जल्द ही दीक्षांत समारोह के आयोजन की तिथि तय कर ली जाएगी।
-प्रो. एचएम सूर्यवंशी निदेशक, एनआईटी हमीरपुर