हमीरपुर। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो की नौ बसें कंडम घोषित हो गई हैं। इन बसों को जल्द ही नीलाम किया जाएगा। यह बसें साढ़े नौ लाख किलोमीटर तक चल चुकी हैं।
इन बसों की सेवाएं नहीं मिलने से यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के बेड़े में करीब 145 बसें हैं। इनमें से नौ बसों की मियाद पूरी हो चुकी है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब इन बसों को नहीं चलाया जा रहा है।
ये बसें बार-बार खराब हो रहीं थीं। हमीरपुर डिपो की ओर से 181 रूटों पर बसें चलाई जाती हैं। नियमों के मुताबिक बस एक लाख किलोमीटर चल जाए या फिर दस वर्ष का समय पूरा हो जाए तो वह नीलामी की श्रेणी में आ जाती है।
नौ बसें कंडम घोषित होने के बाद अब हमीरपुर डिपो के बेड़े में 136 बसें रह गई हैं। हालांकि निगम प्रबंधन का दावा है कि डिपो के पास पर्याप्त बसें हैं और सभी रूटों पर जरूरत के मुताबिक बसें भेजी जा रही हैं।
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बार-बार खराब होती हैं पुरानी बसें
एचआरटीसी की पुरानी बसें बार-बार खराब होती हैं। कहीं बस का टायर फट जाता है तो कहीं बस का गेयर टूट जाता है। अकसर ऐसे मामले आने के बाद यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। समय पर बस की सुविधा नहीं मिलने पर यात्रियों को निजी वाहनों का प्रयोग कर गंतव्य तक जाना पड़ता है। यात्री कई बार एचआरटीसी निगम प्रबंधन से मांग कर चुके हैं कि बेहतर बसों को ही रूट पर भेजा जाए।
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हमीरपुर डिपो की नौ बसें कंडम घोषित हो गई हैं। 181 रूटों पर डिपो की बसें चलती हैं। यात्रियों को बेहतर परिवहन सेवाएं दी जा रही हैं।
-राहुल कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी हमीरपुर डिपो