टौणी देवी (हमीरपुर)। हमीरपुर और मंडी जिले की सीमा पर स्थित अवाहदेवी मंदिर में शुक्रवार को एनएच 03 प्रभावित पीड़ित मंच की हंगामेदार बैठक हुई। इसमें हमीरपुर के कोट से लेकर सरकाघाट, धर्मपुर तक के प्रभावित शामिल हुए। इस दौरान जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया, एपीएमसी के पूर्व चेयरमैन प्रेम कौशल, समीरपुर वार्ड से जिला परिषद सदस्य पवन कुमार, पूर्व जिला परिषद सदस्य संगीता शर्मा, पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रोमिला, हिमाचल किसान सभा के रंजन शर्मा, जोगिंद्र कुमार, समीरपुर पंचायत प्रधान चंद्र मोहन, पंचायत प्रधान बारी रविंद्र ठाकुर, प्रधान टपरे दीवान चंद, पंचायत बगवाड़ा प्रधान देशराज चंदेल, बराड़ा पंचायत प्रधान अनिल परमार ने कहा कि एनएच-03 की समस्याओं को लेकर आयोजित इस बैठक में हमीरपुर और मंडी जिले के प्रभावितों ने एक साथ संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। बैठक में दो टूक निर्णय लिया गया कि आगामी दो सप्ताह में कोट से लेकर धर्मपुर तक निर्माण कंपनी ग्रेडिंग कर सड़क की हालत सुधारे, गड्ढों को भरे और गिर रहे मकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, वरना 25 अगस्त को निर्माण कंपनी के खिलाफ चक्का जाम कर दिया जाएगा। इस बारे में मंच की तरफ से एनएचएआई, एनएच निर्माण कंपनी, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, संबंधित एसडीएम और पुलिस स्टेशनों को लिखित नोटिस भी दिया जा रहा है। प्रभावितों ने कहा कि हमीरपुर जिले के कोट से लेकर सरकाघाट, धर्मपुर तक सड़क की हालत खस्ता होने के कारण निरंतर हादसे हो रहे हैं। खुदाई से मकानों की नींव कमजोर हो गई है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि एनएच का निर्माण कार्य शुरू हुए करीब डेढ़ साल होने को है लेकिन अभी तक डंगे लगाने का काम पूरा नहीं हो पाया है। मुआवजा देने में बंदरबांट हुई है। रसूखदारों को मुआवजा मिलने के बावजूद उनके मकान बचाए जा रहे हैं। ऐसे में अब मंडी और हमीरपुर जिले के लोग मिलकर संघर्ष करेंगे।
इन मुद्दों पर हुई गहमागहमी
बैठक में एनएच निर्माण से प्रभावितों ने मिलकर नई रणनीति के तहत कोट, ठाणा दरोगन, टौणी मंदिर, पंजोत, समीरपुर, चोलथला, सरकाघाट, सज्जऊ पीपलू , लौंगनी, धर्मपुर सेक्टरों का गठन कर संघर्ष को और तेज करने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त एनएच निर्माण में डंगे, पानी निकासी मुआवजा, बेतरतीब खुदाई से मकानों को पहुंची क्षति, कोट से लेकर सरकाघाट तक सड़क की बदहाल हालत, डीपीआर से छेड़छाड़ जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई।