बिझड़ी ब्लॉक की पंचायतों में ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ है कि बीपीएल में चयनित परिवार का नाम और ब्योरा उनके मकान के बाहर दीवार पर लिखा जाए। पंचायतों में कई परिवार 30 से 40 सालों से बीपीएल चले आ रहे हैं। कई ऐसे परिवार भी शामिल हैं जिनके पास चौपहिया वाहन हैं तथा आलीशान मकान है।
आम तौर पर लोग ऐसे व्यक्तियों से कोई झगड़ा मोल नहीं लेना चाहता। ग्राम सभा की बैठक में ऐसे दवंग व्यक्तियों के नाम काटने से गुरेज किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप कई जरूरत मंद परिवारों बीपीएल में चयनित होने से वंचित रह जाते हैं। 23 अप्रैल को ’अमर उजालात्र ने इस खबर को प्रमुखता से छापा था।
24 अप्रैल को बिझड़ी ब्लॉक की बल्याह, कलवाल, ग्यारह ग्रां, कनोह तथा दांदड़ूू सहित अन्य कई पंचायतों की ग्रामसभा की बैठक में ‘अमर उजाला’ की खबर की खूब चर्चा हुई। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ कि बीपीएल में चयनित परिवार का नाम मकान के बाहर लिखा जाए।
पंचायतों में कई परिवार सुविधा संपन्न होने के बावजूद बीपीएल में बने हैं। ऐसे लोगों को बाहर करने का यही रास्ता है। पारित किया गया कि ब्लॉक एवं प्रशासनिक अधिकारी गांवों में ऐसे परिवारों का निरीक्षण करें तथा अपात्र परिवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
कलवाल पंचायत के प्रधान सुरेश चौधरी ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अपात्र लोगों को बाहर करने के लिए बोर्ड लगाना जरूरी है। बल्याह पंचायत प्रधान बीना शर्मा, कनोह प्रधान सुरेश कुमार, ग्यारह ग्रां उपप्रधान रमेश चंद, दांदड़ू प्रधान अशोक कुमार ने भी प्रस्ताव पारित होने की पुष्टि की है।
बीडीओ बिझड़ी विजय कुमार ने बताया कि पंचायतों के बाहर बीपीएल परिवारों की सूची पहले से लगाई गई है। ग्राम सभा की बैठकों में कई पंचायतों में बीपीएल परिवार के मकान के बाहर नाम ब्योरा लिखने के बारे में प्रस्ताव पारित हुए हैं।