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चार साल में नप को नहीं मिले गरीब परिवार

Sun, 24 Apr 2016 07:03 PM IST
गगन दीप/अमर उजाला, हमीरपुर
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फ्लैट - फोटो : डेमो फोटो
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शहर के समीप हथली खड्ड के पास हिमुडा के करीब चार साल पहले बनाए फ्लैट नगर परिषद अब तक 72 गरीब परिवारों का चयन नहीं कर पाया है। इसके चलते फ्लैट चार सालों से धूल फांक रहे हैं। इन फ्लैट के लिए केंद्र सरकार ने बजट का प्रावधान किया था।
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करीब पांच कनाल भूमि पर बने 72 फ्लैट शहर के गरीब परिवारों को दिए जाने थे लेकिन अभी तक ये फ्लैट खाली पड़े हैं। हिमुडा के तहत बने इन फ्लैट का निर्माण कार्य 2010 में शुरू हुआ था। इसके लिए नगर परिषद हमीरपुर ने पांच कनाल भूमि मुहैया करवाई थी।

पांच कनाल भूमि पर अगले भवनों में 72 फ्लैट का निर्माण किया है। इस पर 4.43 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई। हैरत की बात यह कि इन फ्लैट का न ता किसी राजनेता या मंत्री ने शिलान्यास किया और न ही फ्लैट बनने के बाद इनका उद्घाटन किया।
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दो वर्ष में यानि 2012 में फ्लैट निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन अब तक इनका आवंटन नहीं हो पाया है। हिमुडा की मानें तो नप ने शहर के गरीब 72 परिवारों का चयन करना था। इनका चयन न होने से फ्लैट खाली पड़े हैं। अधिकतर फ्लैट में मिट्टी जमा हो गई है।

कुछ की खिड़कियों की शीशे टूट गए हैं तो कइयों के दरवाजे टूटने की कगार पर हैं। इनका आवंटन न होने से जहां पात्र परिवारों को लाभ नहीं मिल रहा है, वहीं सरकारी धन का भी दुरुपयोग हो रहा है।

हिमुडा और नगर परिषद आमने-सामने
फ्लैट निर्माण को लेकर हिमुडा और नप हमेशा ही आमने सामने रहे हैं। 2012 में फ्लैट निर्माण पूरा होने के बाद इन्हें नप को सौंपा जाना था, लेकिन निर्माण पूरा न होने का हवाला देकर नप ने इसे अपने अधीन लेने से इंकार कर दिया। हिमुडा अधिकारियों की मानें तो पात्र परिवारों का चयन न होने से नप फ्लैट को अपने अधीन नहीं कर रहा।

डेढ़ से दो लाख जमा करवाने की थी शर्त
फ्लैट आवंटन के लिए पहले नगर परिषद ने गरीब परिवारों का चयन किया था। प्रत्येक वार्ड से पात्र गरीब परिवारों का चयन किया। बाद में इन परिवारों को फ्लैट लेने के लिए डेढ़ से दो लाख रुपये जमा करवाने का कहा। सभी गरीब परिवार डेढ़ से दो लाख रुपये जमा करवाने में असमर्थ थे। गरीब परिवार पैसे जमा नहीं करवा पाए। किसी भी परिवार को फ्लैट का आवंटन नहीं हुआ। प्रत्येक फ्लैट में दो कमरे, एक किचन, शौचालय और बाथरूम अटैच हैं।

पात्र परिवारों का चयन करने में नप को कोई दिक्कत नहीं है। फ्लैट की हालत खराब है। इन पर काफी खर्च होना शेष है। इनके दुरुस्त होने के बाद ही नप इन्हें अपने अधीन लेगी।
- दीप कुमार बजाज, उपाध्यक्ष, नप हमीरपुर

फ्लैट 2012 में बनकर तैयार हो गए हैं। पात्र परिवार न मिलने से नप इन्हें अपने अधीन करने में आनाकानी कर रही है। पात्र परिवार सुविधा से वंचित रह रहे हैं।
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- एनके शर्मा, एई, हिमुडा, हमीरपुर
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