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सरसों तेल 200, गैस सिलिंडर के दाम पहुंचे 911 रुपये

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हमीरपुर। कोरोना काल में कई लोगों की नौकरी छिन गई है तो कइयों के व्यवसाय ठप हो गए हैं। ऐसे में अब इन लोगों की कमर महंगाई ने तोड़ दी है। गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों को महंगाई के चलते अपना खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। कोरोना काल में वैसे ही रोजगार के अवसर कम हुए हैं और ऊपर से महंगाई लोगों को परेशानी में डाल रही है। घरेलू गैस सिलिंडर 25.50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 911 रुपये, जबकि व्यावसायिक गैस सिलिंडर 85 रुपये महंगा होने के साथ 1668 रुपये में बिक रहा है।
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पेट्रोल-डीजल के साथ प्याज व अन्य सब्जियों के बढ़े दामों ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। जहां वाहन चालक लगातार बढ़ रहे ईंधन के दामों से मुश्किल में हैं, वहीं गृहिणियां प्याज व अन्य सब्जियों व सरसों के तेल महंगा होने से परेशान हैं। जिले में प्याज 40 रुपये प्रति किलोग्राम के पास बिक रहा है। जबकि सरसों का तेल 200 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इसके अलावा भिंडी पहले 30 रुपये की बजाय अब 40 रुपये, घीया 20 की बजाय 30 रुपये, बैंगन 20 की बजाय 30 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा है। रसोई में तड़का महंगा होने से गृहिणियों का बजट भी बिगड़ा है। उधर, जिले में पेट्रोल के दाम 95.34 रुपये प्रति लीटर, स्पीड पेट्रोल 98.13 और डीजल 87.34 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। खासकर टैक्सी चालकों का कहना है कि कोरोना काल में वैसे ही सवारियां नहीं मिल रही हैं और घर से टैक्सी स्टैंड तक पहुंचने में ही तीन-चार लीटर डीजल या पेट्रोल लग जाता है। कई बार बिना सवारियों के घाटे में ही वापस जाना पड़ता है।
टैक्सी ऑपरेटरों को रोजी रोटी के भी लाले : विजय
वीर भूमि टैक्सी यूनियन हमीरपुर के प्रधान विजय कुमार ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटरों को कोरोना काल में वैसे ही रोजी-रोटी के लाले पड़े हैं। ऊपर से पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों ने इनकी कमर तोड़ दी है। किराए कम हैं और ईंधन के दाम ज्यादा। कई बार तो टैक्सी चालक घर से टैक्सी स्टैंड तक खर्च किए गए तेल का खर्च भी नहीं निकाल पा रहे हैं। ऊपर से गाड़ी की किस्तें देने को हैं। ऐसे में सरकार इन टैक्सी ऑपरेटरों के बारे में कुछ सोचे।
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बाजार में हर वस्तु मिल रही महंगी : अजय
अजय चौधरी ने कहा कि बाजार में हर वस्तु महंगी मिल रही है। कुछ दाम सरकार ने बढ़ाए हैं, जबकि कुछ दाम दुकानदार अपनी ओर से बढ़ा देते हैं। फलों व सब्जियों के दामों को तो आग लगी हुई है। फल व सब्जियां गरीब आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। सरकार महंगाई पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में आई कमी : मनीष
मनीष का कहना है कि कोरोना महामारी के बीच वैैसे ही नौकरियां नहीं मिल रही हैं। ऊपर से पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। अगर दोपहिया वाहन पर किसी निजी नौकरी के लिए रोजाना जाना हो तो जितना वेतन निजी नौकरी में मिलता है, उसका 50 फीसदी तो पेट्रोल पर ही खर्च हो जाता है। ऐसे में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम होने चाहिए।
सब्जियों के दामों में हो रही बढ़ोतरी : अमिता
अमिता चौधरी ने कहा कि प्याज, भिंडी, घीया आदि सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पहले जो सब्जी दो किलोग्राम ले जाते थे, अब एक किलोग्राम से ही गुजारा करना पड़ रहा है। दालों व तेल के दाम भी आसमान छू रहे हैं। खाद्य पदार्थों के अलावा अन्य सामान भी महंगा मिल रहा है। दुकानदार कोरोना के कारण हुए घाटे को पूरा करने के लिए सामान महंगे दाम पर बेच रहे हैं।
बाजार की बजाय घर में उगाएं फसल : कटोच
करतार चंद कटोच ने कहा कि खेतीबाड़ी करने के लिए पुरजोर मेहनत करते हैं। ट्रैक्टर से बिजाई से लेकर खाद तक महंगी हो गई है। उन्होंने अपने घर में कीवी उगाए हैं। महंगाई के दौर में घर पर फल व फसल उगाना ही उचित रहेगा, अन्यथा बाजार में बढ़ रहे दाम तो आदमी की जेब खाली करे देंगे।
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