हमीरपुर। त्योहारों के सीजन में मल्टीग्रेन आटे और पहाड़ी नमक से खाने के साथ-साथ पकवानों में जायका बढ़ेगा। लोगों को पारंपरिक उत्पादों से सेहतमंद चीजें प्रदान करने के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं कार्य कर रही हैं।
श्यामा स्वयं सहायता समूह नाल्टी की महिलाओं रीना शर्मा, नीमो और चंचलो देवी ने इस त्योहारी सीजन में अपनी आर्थिकी को मजबूत करने के लिए मुख्य रूप से सेहतमंद वस्तुओं को बेचने का निर्णय लिया है, ताकि लोगों कम दामों में उच्च गुणवत्ता का सामान उपलब्ध करवाया जा सके। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इससे पहले पिछले पांच वर्षों से ग्रामीण स्तर पर सामान को बेच रही थीं, लेकिन शहर से उत्पादों की डिमांड अधिक आने के कारण अब महिलाओं ने बचत भवन की ऊपरी मंजिल पर प्रदर्शनी लगाकर कार्य शुरू कर दिया है।
इस प्रदर्शनी में महिलाएं पहाड़ी नमक, आटे की सेवाइयां, चावल, जौ, मक्की, बाजारा, चन्ने और रागी का आटा, सीरा, बड़ियां और शहद को बेच रही हैं, जो कि ग्राहकों को खूब पसंद आ रहे हैं। उत्पादों को घर पर पारंपरिक तरीके से तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा है, ताकि ग्राहकों को शहर में भी खाने में घर जैसा स्वाद प्रदान किया जा सके।
इस बार हमीर ग्राम उत्सव और स्वाद महोत्सव के लिए जिला प्रशासन की ओर से महिलाओं को स्टाल प्रदान किए गए हैं। ऐसे में महिलाओं को सामान बेचने के लिए निशुल्क मंच मिल गया है। स्टाल में जिलेभर से महिलाएं स्वदेशी उत्पादों को बेचकर आय प्राप्त कर रही हैं।
बाक्स:
सामान
मूल्य
पहाड़ी नमक
100 रुपये 200 ग्राम
मक्की आटा
70 रुपये किलो
जौ आटा
60 रुपये किलो
चावल आटा
70 रुपये किलो
सीरा
300 रुपये किलो
सेवइयां
200 रुपये किलो
मल्टीग्रेन आटा
500 रुपये आधा किलो
ऐसे तैयार होता है पहाड़ी नमक
पहाड़ी नमक में हरी मिर्च, काली मिर्च, जीरा, लहसुन, पुदीना, हरा धनिया, अजवाइन और काला नमक प्रयोग किया जाता है। जब यह तैयार किया जाता है उस समय यह गीला होता है, लेकिन छाया में सूखाने के बाद इसे पैकेट में भरकर बाजार में बेचा जाता है। नमक का प्रयोग सब्जियों में स्वाद बढ़ाने और मुख्य रूप से सलाद व फ्रूट चाट बनाने में प्रयोग किया जाता है।
श्यामा स्वयं सहायता समूह नाल्टी की रीना शर्मा प्रदर्शनी में सामान बेचते हुए। संवाद