हमीरपुर। डिजिटल युग में भी सरकारी स्कूलों के शिक्षक तकनीकी बदलाव के बावजूद ऑफलाइन हाजिरी लगा रहे हैं। शिक्षा विभाग के ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली को लागू करने के बावजूद अधिकांश शिक्षक व्यवस्था को नहीं अपना पाए हैं।
पूर्व में बायोमीट्रिक मशीनें और अब मोबाइल एप से हाजिरी की व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन शिक्षक स्कूलों में नेटवर्क और बैटरी की समस्याओं का तर्क देकर ऑफलाइन हाजिरी लगा रहे हैं। जिला शिक्षा विभाग ने अगस्त से ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य कर दी है। मगर व्यवस्था लागू होने के बाद भी शिक्षक इसकी अनुपालना नहीं कर रहे हैं।
वर्तमान में जिलाभर में विभिन्न पदों पर 3829 शिक्षक विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। सोमवार को हमीरपुर जिला में 2481 शिक्षकों ने ही ऑनलाइन हाजिरी लगाई जिसमें से छह शिक्षा खंडों में से 340 की अनुपस्थिति दर्ज की गई जबकि 1008 शिक्षकों ने ऑनलाइन एप पर हाजिरी नहीं लगाई। स्मार्ट उपस्थिति एप पर पहले शिक्षक और उसके बाद विद्यार्थियों की हाजिरी लगाई जाती है।
शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को नई व्यवस्था के तहत हाजिरी लगाने के लिए बकायदा प्रशिक्षण भी दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद वे ऑफलाइन हाजिरी में लगा रहे हैं। ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली से समय और लोकेशन को ट्रैक किया जा सकता है, जिससे शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति की जानकारी मिल सके। विभाग का कहना है कि ऑनलाइन हाजिरी न लगाने वाले शिक्षकों का डाटा तैयार कर निदेशालय को भेजा जाएगा और समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तरीय निवारण समिति का गठन किया जाएगा।
अगस्त से शिक्षकों का ऑनलाइन एप पर हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है। शिक्षकों को ऑनलाइन की हाजिरी लगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में हाजिरी लगाने के लिए शिक्षकों को परेशानी आती है, तो उसका जिला स्तरीय निवारण कमेटी के माध्यम से समाधान किया जाता है। ऑनलाइन हाजिरी न लगाने वाले शिक्षकों का डाटा तैयार करके निदेशालय भेजा जाएगा।
-परमजीत डोगरा, जिला समन्वयक, मूल्यांकन अनुसंधान एवं खोज।