मेडिकल काॅलेज की मेडिसिन ओपीडी में उपचाराधीन मरीज।
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में हिमकेयर और आयुष्मान कार्डों का लाभ मरीजों को समय पर नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को जरूरी दवाइयां निर्धारित समय पर नहीं मिल रही हैं। इनकी मांग पिछले दिन भेजने के बावजूद अगले दिन दोपहर तक भी दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में मरीजों को तो परेशानी हो ही रही है, साथ में इनका उपचार करने वाले चिकित्सकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर दवाइयां न मिलने के कारण चिकित्सक उचित उपचार नहीं दे पा रहे हैं।
अस्पताल में शुक्रवार को मेडिसिन विभाग से कार्डधारकों की 17 मांगें भेजी गईं थी। इनमें से महज पांच रोगियों को ही शुक्रवार को दवाइयां उपलब्ध हो पाईं। जबकि, 12 रोगियों को शनिवार सुबह तक दवाइयां नहीं मिल पाई हैं। उधर, शनिवार को इसी विभाग से 19 मांगें भेजी गईं थी। इनमें से दोपहर तीन बजे तक महज चार मांगें ही पूरी हो पाई हैं। ऐसेे में मरीजों के उपचार में जहां देरी हो रही है, वहीं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने यहां तीन कर्मचारी आयुष्मान और हिमकेयर कार्डों की मांगों को पूरा करने के लिए लगाए हैं, फिर भी सभी विभागों की औसतन 50 मांगें ही वर्तमान में पूरी हो रही हैं। जबकि, पूर्व में रोजाना की औसत 70 थी। कई गंभीर रोगियों को भी महत्वपूर्ण दवाइयां न मिलने से उनकी सेहत पर प्रभाव पड़ सकता है। एक मरीज के तीमारदार का कहना है कि एक जरूरी इंजेक्शन उन्हें शुक्रवार को चाहिए था। लेकिन, कार्ड के माध्यम से उन्हें इंजेक्शन रात तक नहीं मिला। उन्होंने मांग की है कि कार्डधारकों के लिए व्यवस्था सुचारु की जाए।
नए कर्मचारियों को समझने में लगेगा वक्त
हिमकेयर और आयुष्मान कार्डों की मांगों के लिए पूर्व में जो फार्मासिस्ट तैनात था, उसका तबादला कहीं और हो गया है। उस कर्मचारी के स्थान पर तीन कर्मचारी अब इसके लिए लगाए गए हैं। इन्हें इस कार्य को समझने में थोड़ा समय लग रहा है। पूर्व में तैनात कर्मचारी भी यहां नियुक्त नए कर्मचारियों की मदद कर रहा है। कुछ दिनों में नए कर्मचारी कार्यप्रणाली समझ जाएंगे। पूर्व में तैनात फार्मासिस्ट ने यहां अच्छा काम चलाया था, लेकिन उसका तबादला कहीं और हो गया है।
डॉ. सुमन यादव, प्राचार्य डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर।